सऊदी अरब और UAE के लिए 17 मई 2026 का दिन काफी तनावपूर्ण रहा। दोनों देशों पर एक ही दिन ड्रोन हमले हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। इस मुश्किल घड़ी में UAE ने सऊदी अरब के साथ खड़े होने की बात कही है और उसकी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरा समर्थन किया है।
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सऊदी अरब में क्या हुआ और कितने ड्रोन रोके गए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने पुष्टि की कि तीन ड्रोन सऊदी की सीमा में घुसे थे। ये ड्रोन Iraqi airspace से आए थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि अपनी संप्रभुता के उल्लंघन पर वह जरूरी ऑपरेशनल कदम उठाएगी।
UAE के परमाणु प्लांट के पास ड्रोन हमला और असर
UAE के Barakah nuclear power plant के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां के बाहरी घेरे में आग लग गई। UAE रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिमी सीमा की ओर से तीन ड्रोन आए थे, जिनमें से एक ने आग लगाई और दो को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने इसे एक आतंकवादी हमला बताया और इसके पीछे ईरान या उसके समर्थकों का हाथ होने की बात कही।
दोनों देशों के बीच क्या हुई बातचीत और प्रतिक्रिया
हमले के बाद UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी UAE के परमाणु प्लांट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा है। UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने सऊदी की संप्रभुता का सम्मान करते हुए उसकी सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ड्रोन हमले किस दिशा से हुए थे
सऊदी अरब पर होने वाले हमले Iraqi airspace से हुए थे, जबकि UAE के Barakah परमाणु प्लांट पर हमले पश्चिमी सीमा की ओर से किए गए थे।
इन हमलों के लिए किसे जिम्मेदार माना जा रहा है
UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने इसे एक आतंकवादी हमला बताया और संकेत दिया कि इसमें ईरान या उसके प्रॉक्सी समूहों का हाथ हो सकता है।
