उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले शिबू खान सुरक्षित भारत लौट आए हैं। वह कतर में अपना पासपोर्ट और जरूरी कागजात खो जाने की वजह से फंस गए थे। दस्तावेज न होने के कारण वह अपने मालिक से संपर्क नहीं कर पा रहे थे और वापस आना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया था। दोहा में भारतीय दूतावास ने इस मामले में समय पर दखल दिया और उन्हें जरूरी कागजी कार्यवाही के साथ वतन लौटने में मदद मुहैया कराई।

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भारतीय दूतावास ने कैसे की शिबू खान की मदद?

जब शिबू खान के पास कोई भी यात्रा दस्तावेज नहीं बचा था, तब भारतीय दूतावास ने उनके लिए Emergency Certificate जारी किया। इस खास सर्टिफिकेट की मदद से वह बिना पासपोर्ट के भी अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा कर सके। इसके अलावा दूतावास ने उन्हें छोटी आर्थिक सहायता भी दी और भारत लौटने के लिए फ्लाइट के टिकट का इंतजाम भी कराया। क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए उनके परिवार वाले काफी डरे हुए थे, लेकिन सरकारी मदद से वह 25 मार्च 2026 को सुरक्षित भारत पहुंच गए।

प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी और मुख्य बिंदु

  • शिबू खान उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं जो कतर में काम कर रहे थे।
  • यात्रा और पहचान के जरूरी दस्तावेज खो जाने से वह कानूनी पचड़े में फंस गए थे।
  • भारतीय दूतावास दोहा ने उन्हें इमरजेंसी सर्टिफिकेट और फ्लाइट टिकट उपलब्ध कराया।
  • शिबू खान ने एक वीडियो के जरिए भारत सरकार और दूतावास के अधिकारियों का आभार जताया है।

शिबू ने अपने बयान में कहा कि दूतावास के लोगों ने बहुत तेजी से काम किया और उनकी मदद की, जिसकी वजह से वह आज अपने घर वापस जा पा रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खबर भरोसे का काम करती है कि मुसीबत के समय भारतीय दूतावास उनकी सहायता के लिए हमेशा तैयार रहता है।