सोमालिया ने यमन के ‘साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’ (STC) के नेता आयदारूस अल-ज़ुबैदी (Aidarus al-Zubaydi) की हालिया गतिविधियों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। सोमालिया की सरकार ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए अल-ज़ुबैदी द्वारा सऊदी अरब के तयशुदा कूटनीतिक रास्ते को दरकिनार करने (circumvent) की कोशिशों की निंदा की है। सोमालिया का मानना है कि कथित ‘बाहरी समर्थन’—जो कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर इशारा करता है—के जरिए सऊदी अरब के ‘डिप्लोमैटिक पाथ’ को तोड़ना यमन में चल रहे शांति प्रयासों के सीधे खिलाफ है।
यमन में शांति प्रयासों को झटका देने और सऊदी अरब द्वारा तय किए गए रास्ते से अलग जाने की कोशिश पर सोमालिया का कड़ा रुख
सोमालिया ने स्पष्ट किया है कि यमन की स्थिरता के लिए सऊदी अरब की अगुवाई में जो प्रयास चल रहे हैं, उनका सम्मान किया जाना चाहिए। सोमालिया ने रियाद में आयोजित होने वाली ‘यमेनी नेशनल डायलॉग कॉन्फ्रेंस’ (Yemeni National Dialogue Conference) को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। सोमालियाई प्रशासन ने इसे एक “समावेशी ढांचा” (inclusive framework) करार दिया है, जो यमन की एकता और संप्रभुता को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। सोमालिया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में कूटनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और सऊदी अरब यमन में सभी पक्षों को एक मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।
आधी रात को अदन से नाव और फिर विमान: अल-ज़ुबैदी के सोमालीलैंड होते हुए यूएई पहुंचने की पूरी इनसाइड स्टोरी
अल-ज़ुबैदी के यमन से निकलने की कहानी काफी नाटकीय बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अल-ज़ुबैदी 6 जनवरी की आधी रात को अदन (Aden) से एक नाव के जरिए निकले और सोमालीलैंड के बरबेरा (Berbera) बंदरगाह पहुंचे। वहां से वे मोगादिशु गए और अंततः संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल-रीफ मिलिट्री एयरपोर्ट पर लैंड हुए। इस पूरे घटनाक्रम में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यूएई के अधिकारियों पर अल-ज़ुबैदी को ‘स्मगल’ करने का आरोप लगाया है। यह भी बात सामने आई है कि जिस विमान से यह यात्रा की गई, उसने ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) के ऊपर से गुजरते वक्त अपना ट्रांसपोंडर (transponder) बंद कर दिया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न की जा सके।
रियाद में चल रहे यमन नेशनल डायलॉग को सोमालिया का खुला समर्थन, संप्रभुता और एकता को बताया प्राथमिकता
इस पूरे प्रकरण के बीच सोमालिया और सऊदी अरब के रिश्तों में और मजबूती देखने को मिली है। सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अब्दी अली ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की है। इस बैठक में सऊदी अरब ने सोमालिया की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने “पूर्ण समर्थन” को दोहराया है। जवाब में, सोमालिया ने यमन डायलॉग का पुरजोर समर्थन किया और सभी यमेनी हितधारकों (stakeholders) को बातचीत के लिए रियाद बुलाने के सऊदी कदम का स्वागत किया। सोमालिया का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना वक्त की मांग है।
मोगादिशु में एक घंटे रुका था विमान: सोमालिया ने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और संदिग्ध यात्रा पर शुरू की उच्च-स्तरीय जांच
अल-ज़ुबैदी की इस संदिग्ध यात्रा ने सोमालिया की सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। बताया जा रहा है कि अल-ज़ुबैदी का विमान मोगादिशु में करीब एक घंटे तक रुका था। अब सोमालिया ने अपने हवाई क्षेत्र (airspace) के उल्लंघन को लेकर एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिना उचित प्रोटोकॉल के इस तरह की आवाजाही कैसे संभव हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। यह जांच इस बात का संकेत है कि सोमालिया अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी ऐसे कार्य के लिए नहीं होने देना चाहता जो उसके सहयोगी देशों के हितों के खिलाफ हो।
यमन की सियासत में सऊदी बनाम यूएई की रस्साकशी और गहरी, एसटीसी (STC) के लिए कूटनीतिक रास्ते हुए मुश्किल
इस पूरे घटनाक्रम का व्यापक असर यमन की राजनीति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। सोमालिया का यह स्टैंड सऊदी अरब को यमन शांति वार्ता में एक मजबूत स्थिति प्रदान करता है, जबकि यूएई समर्थित एसटीसी (STC) को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग (isolate) करता है। यह घटना यमन में सऊदी अरब (जो PLC का समर्थन करता है) और यूएई (जो STC का समर्थन करता है) के बीच की प्रतिद्वंद्विता को और गहरा कर रही है। सोमालिया के इस कदम से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र के देश अब यमन के मुद्दे पर गुटबाजी से परे हटकर सऊदी अरब के शांति प्रस्तावों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।





