दक्षिण कोरिया की सरकार मिडिल ईस्ट के बदलते हालातों पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है। 21 मार्च 2026 को कोरियाई विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि वे ईरान और अन्य संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के समुद्री रास्ते को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। इस समुद्री रास्ते में रुकावट आने से कोरिया के ऊर्जा आयात और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

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समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने की कोशिशें

दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के अनुसार सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा परिवहन के रास्तों को बहाल करने के लिए हर संभव विकल्प पर विचार कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संभालता है। दक्षिण कोरिया की तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है जिसकी वजह से कोरियाई अधिकारियों के लिए इसे फिर से शुरू करवाना प्राथमिकता बना हुआ है।

ईरान और अन्य देशों का क्या रुख है

ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह बातचीत के बाद कुछ देशों के जहाजों को रास्ता देने के लिए तैयार है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे जापान जाने वाले जहाजों और अन्य गैर-दुश्मन देशों के लिए सुरक्षित नेविगेशन की गारंटी देने के इच्छुक हैं। हालांकि ईरान ने साफ किया है कि यह रास्ता अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद रह सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे देशों के साथ मिलकर एक साझा बयान में इस समुद्री ब्लॉकेड की निंदा भी की है।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
मुख्य प्रभावित रास्ता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
वैश्विक तेल व्यापार में हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक
ईरान का रुख गैर-दुश्मन देशों के लिए बातचीत को तैयार
कोरिया का फैसला अंतरराष्ट्रीय संयुक्त बयान में शामिल हुआ
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.