Spain-China Meeting: चीन और स्पेन ने मिलाया हाथ, ईरान युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून और न्याय की बात की
स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच बीजिंग में एक अहम मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने ईरान पर चल रहे अमेरिका और इसराइल के हमले के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने पर जोर दिया। इस बातचीत का मकसद दुनिया में शांति और न्याय को बनाए रखना था।
चीन और स्पेन के बीच किन बातों पर हुई चर्चा?
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने कहा कि चीन और स्पेन को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जहाँ ताकतवर देश अपनी मनमानी न करें और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन हो। उन्होंने पश्चिम एशिया और गल्फ देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही और मिडिल ईस्ट में शांति के लिए चार सुझाव दिए।
वहीं स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने चीन से दुनिया के विवादों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने गाजा में हो रही घटनाओं को नरसंहार बताया और कहा कि इसराइल सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रही है। साथ ही उन्होंने ईरान की प्रतिक्रिया को भी एक गलती और गैरकानूनी बताया।
ईरान युद्ध और अमेरिका की नाकेबंदी का क्या असर है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर दी है। इस वजह से ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाना बंद करे, यूरेनियम संवर्धन रोके और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोले, तभी शांति की बात हो सकती है।
इस तनाव के बीच कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- स्पेन ने अमेरिकी युद्ध विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
- सऊदी अरब अमेरिका पर नाकेबंदी हटाने का दबाव बना रहा है।
- पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।
दुनिया पर क्या होगा इसका असर?
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने सभी देशों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने की अपील की है क्योंकि ईरान और अमेरिका दोनों ने वहाँ रास्ता रोका हुआ है।
UNDP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस सैन्य तनाव की वजह से दुनिया के 162 देशों में करीब 3 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं। इस पूरी स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता पैदा कर दी है।




