Sri Lanka Visa Update: मिडिल ईस्ट की फ्लाइट्स रद्द होने से फंसे यात्रियों को राहत, मिला 7 दिन का फ्री वीज़ा
श्रीलंका सरकार ने उन विदेशी नागरिकों के लिए 7 दिनों के फ्री वीज़ा एक्सटेंशन का ऐलान किया है जो मिडिल ईस्ट की फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से वहां फंस गए हैं। यह फैसला 28 फरवरी 2026 को लिया गया जब क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने से कई उड़ानें प्रभावित हुईं। इससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिनका वीज़ा खत्म हो रहा था लेकिन वे उड़ानों की कमी के कारण देश नहीं छोड़ पा रहे थे।
ℹ️: ईरान में 40 दिन के शोक का ऐलान, सुप्रीम लीडर की मौत के बाद 7 दिन की छुट्टी और उड़ानों पर बड़ा असर।
किन यात्रियों को मिलेगा इस फ्री वीज़ा का फायदा?
यह सुविधा मुख्य रूप से उन विदेशी पर्यटकों के लिए है जो श्रीलंका में मौजूद हैं और मिडिल ईस्ट जाने वाली फ्लाइट्स पर निर्भर थे। इमिग्रेशन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उड़ानें निलंबित होने की वजह से जो लोग समय पर देश नहीं छोड़ सके, उन्हें अब कानूनी पेनाल्टी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- वीज़ा अवधि: मौजूदा वीज़ा खत्म होने की तारीख से 7 दिनों की मुफ्त बढ़ोतरी दी गई है।
- कोई चार्ज नहीं: इस 7 दिन की अवधि के लिए कोई ओवरस्टे जुर्माना या प्रशासनिक शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- प्रभावित उड़ानें: रियाद, कुवैत, दम्माम, दुबई और दोहा जाने वाली कम से कम 10 उड़ानें रद्द की गई हैं।
- एयरलाइंस: श्रीलंका एयरलाइंस और फिट्सएयर की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
श्रीलंका में उड़ानों और सुविधाओं की वर्तमान स्थिति
सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAASL) ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी एयरलाइंस के साथ संपर्क में रहें और एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करें। देश के सभी हवाई अड्डों को इमरजेंसी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
| सुविधा या विभाग | ताजा अपडेट और स्थिति |
|---|---|
| वीज़ा नियम | 7 दिन का फ्री एक्सटेंशन लागू |
| फ्यूल स्टॉक | विमानन ईंधन का 1 महीने से अधिक का स्टॉक मौजूद |
| मुख्य गंतव्य | UAE, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जाने वाले यात्री प्रभावित |
| हेल्पलाइन | 24 घंटे के इमरजेंसी सेंटर शुरू कर दिए गए हैं |
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर उन भारतीय यात्रियों और प्रवासी कामगारों पर पड़ा है जो मिडिल ईस्ट के जरिए यूरोप या अमेरिका की यात्रा कर रहे थे। श्रीलंका के विदेशी रोजगार ब्यूरो और विदेश मंत्रालय ने उन लोगों के लिए विशेष डेस्क बनाए हैं जिनके परिजन इस समय संकट वाले क्षेत्रों में मौजूद हैं।




