Strait of Hormuz बंद होने से खाद की सप्लाई रुकी, भारत समेत 5 देशों को मिली समुद्र से गुजरने की छूट
Strait of Hormuz के बंद होने से अब पूरी दुनिया में खाद (Fertilizer) की भारी कमी होने का डर पैदा हो गया है। जानकारों ने चेतावनी दी है कि दुनिया की 30 प्रतिशत खाद इसी रास्ते में फंसी हुई है जिससे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों के दाम काफी बढ़ सकते हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह संकट अब केवल खाड़ी देशों का नहीं रहा बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। राहत की बात यह है कि भारत समेत कुछ खास देशों को ही इस रास्ते से अपने जहाज ले जाने की इजाजत दी गई है।
खाद की सप्लाई रुकने से खेती और कीमतों पर क्या असर होगा?
Strait of Hormuz यूरिया और अमोनिया जैसे जरूरी कच्चे माल को ले जाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री रास्ता है। सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे बड़े खाद उत्पादक देश इसी रास्ते का इस्तेमाल करके दुनिया भर को माल भेजते हैं। इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर के किसानों को समय पर खाद मिलने में दिक्कत हो रही है।
- यूरिया की कीमतों में अब तक लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
- अमोनिया की कीमत अब 900 डॉलर प्रति टन के आंकड़े को पार कर गई है।
- ब्राजील जैसे देश जो अपनी जरूरत की 80 प्रतिशत खाद बाहर से मंगाते हैं, वहां खेती का संकट गहरा गया है।
- भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में खाद बनाने वाली कुछ फैक्ट्रियों में गैस की कमी से काम प्रभावित हुआ है।
ईरान का ताजा फैसला और किन देशों को मिली राहत?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि यह रास्ता केवल उनके दुश्मन देशों के लिए बंद किया गया है। ईरान ने अपने कुछ मित्र देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की विशेष अनुमति दी है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के मुताबिक ईरान सुरक्षित रास्ते के बदले में फीस भी वसूल रहा है। इस संकट के बीच अहम जानकारी नीचे टेबल में दी गई है।
| विशेष जानकारी | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| छूट प्राप्त देश | भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान |
| फंसी हुई खाद | दुनिया की कुल समुद्री खाद का 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा |
| अमेरिका का रुख | राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बातचीत की मेज पर आने को कहा है |
| UN की रिपोर्ट | UNCTAD ने दुनिया भर में अनाज की किल्लत की चेतावनी दी है |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि खाद की बढ़ती कीमतों से अमेरिकी किसानों पर बुरा असर पड़ रहा है और ईरान को जल्द ही इस पर गंभीरता से बात करनी होगी। दूसरी तरफ इजरायली हमले में ईरानी कमांडर के मारे जाने के बाद तनाव और भी बढ़ गया है। फिलहाल दुनिया के कई बड़े देश ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और समुद्री रास्ता खोलने की अपील कर रहे हैं।




