Strait of Hormuz संकट: ट्रंप ने मांगी सैन्य मदद, ब्रिटेन और जर्मनी ने साथ देने से किया इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए सहयोगियों से मदद मांगी है। हालांकि जर्मनी और ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों ने इस सैन्य अभियान में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। इन देशों का मानना है कि इसमें शामिल होने से ईरान के साथ चल रही जंग और ज्यादा भड़क सकती है। ट्रंप ने इस जवाब की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि अगर सहयोगी देश मदद नहीं करते हैं तो यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।
सहयोगी देशों ने सैन्य मदद देने से क्यों मना किया?
ब्रिटेन और जर्मनी ने स्पष्ट किया है कि वे इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहते। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि यह उनकी लड़ाई नहीं है और अमेरिकी नौसेना इस स्थिति को अकेले संभालने में सक्षम है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी बयान दिया कि उनका देश किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में नहीं पड़ना चाहता। इन देशों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करना फिलहाल नाटो के मिशन के अंतर्गत नहीं आता है क्योंकि किसी सदस्य देश पर सीधा हमला नहीं हुआ है।
संकट की वर्तमान स्थिति और विभिन्न देशों का रुख
ईरान ने अमेरिकी और उसके सहयोगियों के जहाजों के लिए इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया है जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की संभावना है। इस स्थिति से जुड़े कुछ प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
| देश | उठाया गया कदम या प्रतिक्रिया |
|---|---|
| जापान | तेल की कमी से बचने के लिए 8 करोड़ बैरल तेल रिजर्व से निकाला |
| जर्मनी | सैन्य गठबंधन में शामिल होने से पूरी तरह इनकार किया |
| ईरान | कहा कि कुछ देश सुरक्षित रास्ता मांगने के लिए संपर्क में हैं |
| कतर | मिसाइल अलर्ट के बीच कूटनीतिक समाधान की अपील की |
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन में रुकावट आने से दैनिक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। कतर जैसे देशों में जारी सुरक्षा अलर्ट को देखते हुए वहां रहने वाले भारतीयों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस रास्ते को दोबारा खुलवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है लेकिन सैन्य मोर्चे पर अमेरिका अकेला पड़ता नजर आ रहा है।




