Strait of Hormuz: भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर मंत्रालय का बड़ा अपडेट, 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित
शिपिंग मंत्रालय ने 19 मार्च 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास मौजूद 22 भारतीय जहाजों की स्थिति को लेकर ताजा रिपोर्ट जारी की है। मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम क्षेत्र में मौजूद इन जहाजों और उन पर सवार 611 भारतीय नाविकों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत सरकार का Shipping Ministry विभाग और नौसेना लगातार इन जहाजों की निगरानी कर रहे हैं ताकि समुद्र में इनकी सुरक्षित आवाजाही बनी रहे।
हॉर्मुज के पास भारतीय जहाजों की ताजा स्थिति क्या है?
विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में किसी भी अप्रिय समुद्री घटना की खबर नहीं मिली है। सरकार लगातार हर जहाज और उसके क्रू मेंबर के साथ संपर्क बनाए हुए है। हॉर्मुज के पूर्व में दो और कंटेनर जहाज CMA CGM Vitoria और SSL Godavari मौजूद हैं, जिनमें क्रमशः 24 और 23 भारतीय सवार हैं। पिछले 48 घंटों में DG Shipping के कंट्रोल रूम ने 300 से ज्यादा कॉल और ईमेल अटेंड किए हैं ताकि नाविकों और उनके परिवारों की मदद की जा सके।
| जानकारी का प्रकार | ताजा विवरण |
|---|---|
| पश्चिम में फंसे जहाज | 22 भारतीय फ्लैग वाले जहाज |
| जहाजों पर मौजूद नाविक | 611 भारतीय |
| सुरक्षा मिशन | Operation Sankalp (6-7 युद्धपोत तैनात) |
| ऊर्जा सुरक्षा | 16.76 लाख टन कच्चा तेल और भारी मात्रा में गैस |
| वापसी | पिछले 24 घंटों में 16 नाविक भारत लौटे |
सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने क्या बड़े कदम उठाए हैं?
भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं, जिससे क्षेत्र में कुल युद्धपोतों की संख्या बढ़कर 6 से 7 हो गई है। यह कदम विशेष रूप से भारत के ईंधन ले जाने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। भारत के ऊर्जा हितों के लिए महत्वपूर्ण लगभग 22 जहाजों की पहचान की गई है जिन्हें सुरक्षित रास्ते से निकाला जाना है। इन जहाजों में भारी मात्रा में LNG, LPG और क्रूड ऑयल लदा हुआ है।
- Operation Sankalp: नौसेना के युद्धपोत ईंधन टैंकरों को सुरक्षा घेरे में लेकर चल रहे हैं।
- Repatriation: पिछले 48 घंटों में कुल 33 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
- Aqua Titan: कच्चे तेल से भरा यह टैंकर 21 मार्च को न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।
- Safe Transit: Shivalik और Nanda Devi जैसे जहाजों को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भारत के विभिन्न मंत्रालय जैसे पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज पर हमले की खबर नहीं है। खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न बंदरगाहों पर अब भी हजारों भारतीय नाविक मौजूद हैं जिनकी सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता बनी हुई है।




