Strait of Hormuz को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है. UAE के मंत्री और ADNOC के CEO डॉ सुल्तान अल जाबेर ने साफ कहा कि इस रास्ते को बंद करना या सीमित करना ईरान के बस की बात नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यहाँ रुकावट आई तो दुनिया भर में ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक जीवन रेखा की तरह है और इसकी नाकाबंदी से कई देश परेशान हो सकते हैं.

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ईरान की पाबंदियों से क्या होगा असर?

डॉ सुल्तान अल जाबेर ने 9 अप्रैल 2026 को मांग की कि इस रास्ते को बिना किसी शर्त के तुरंत खोला जाए. उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक रास्ता है और UN के नियमों के हिसाब से यहाँ से गुजरना सबका अधिकार है, कोई सुविधा नहीं. खबर है कि IRGC अब जहाजों से गुजरने के लिए भारी फीस मांग रहा है, जो एक सुपरटैंकर के लिए 20 लाख डॉलर तक हो सकती है. इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक स्थिरता को सीधा खतरा पैदा हो गया है.

अमेरिका का फैसला और दुनिया की हालत

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीधी बातचीत नाकाम रही, जिसके बाद 12 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यहाँ नौसेना के जरिए नाकाबंदी करने का ऐलान किया. इस वजह से यूरोप में आने वाले तीन हफ्तों में जेट फ्यूल की भारी कमी होने की आशंका है. फिलहाल करीब 230 जहाज तेल लेकर खड़े हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी फ्लो में 40 दिनों का बड़ा गैप आ गया है.

दुनिया के लिए यह रास्ता क्यों है जरूरी?

Strait of Hormuz से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस के जरिए गुजरता है. इसकी अहमियत को आप इस टेबल के जरिए समझ सकते हैं:

प्रोडक्ट ग्लोबल सप्लाई प्रतिशत
कच्चा तेल (Crude Oil) 38%
LPG 29%
LNG 19%
रिफाइंड पेट्रोलियम 20%