UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बीच रविवार, 12 अप्रैल 2026 को अबू धाबी में एक अहम मुलाकात हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और ईरान द्वारा UAE के नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों पर बात हुई। भारत ने इस मुश्किल घड़ी में UAE के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है।
UAE और भारत की इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
- दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक समझौते को आगे बढ़ाने पर बात की।
- ईरान के उस ‘आतंकी हमले’ पर गंभीर चर्चा हुई जिसने UAE के आम लोगों और सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाया।
- क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्र में जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति जैसे जरूरी विषयों पर विचार किया गया।
- बैठक में दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान और कई अन्य मंत्री भी शामिल रहे।
ईरान के हमलों पर भारत और UAE की क्या राय है?
UAE सरकार ने साफ किया कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और देश को अपनी सुरक्षा का पूरा हक है। भारत के विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत, UAE की संप्रभुता और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए उनके साथ है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की थी और इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए गए?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पास किया है, जिसमें भारत समेत करीब 140 देशों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की है। इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि ईरान तुरंत इन हमलों को रोके और अपनी उकसावे वाली हरकतों को बंद करे। इसके अलावा इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने भी ईरान की धमकियों के खिलाफ अपना विरोध जताया है।
