Strait of Hormuz बंद होने से 1 करोड़ भारतीयों पर संकट, ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की चेतावनी.
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. पूर्व भारतीय राजदूत Sanjay Sudhir ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz का बंद होना सिर्फ ऊर्जा संकट नहीं है, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है और रास्ता खोलने को कहा है.
ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास Strait of Hormuz खोलने के लिए केवल 48 घंटे का समय है, वरना उसे नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान को सैन्य और आर्थिक रूप से काफी कमजोर कर दिया है और उनका रडार सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. दूसरी तरफ ईरान के सैन्य अधिकारी General Ali Abdollahi Aliabadi ने इस धमकी को खारिज करते हुए इसे बेवकूफी भरा कदम बताया है.
भारतीयों और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz बंद होने से भारत की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ने की संभावना है. पूर्व राजनयिक Sanjay Sudhir ने बताया कि यह रास्ता खाड़ी देशों में भोजन पहुंचाने का मुख्य जरिया है. इसके बंद होने से वहां रहने वाले लाखों प्रवासियों के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो सकता है. भारत सरकार स्थिति को देखते हुए लगातार सक्रिय कदम उठा रही है ताकि सप्लाई चेन बनी रहे.
| मुख्य बिंदु | प्रभाव की जानकारी |
|---|---|
| भारतीय प्रवासी | खाड़ी देशों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों पर सीधा असर |
| LPG सप्लाई | भारत की 90 प्रतिशत LPG खाड़ी देशों से आती है |
| खाद्य सुरक्षा | समुद्री मार्ग बंद होने से भोजन का आयात रुक सकता है |
| LPG कनेक्शन | भारत के 34 करोड़ घरों के ईंधन पर असर पड़ने का डर |
| यूरिया आयात | खेती के लिए 25 लाख टन यूरिया का टेंडर जारी किया गया |
युद्ध के बीच बचाव और राहत कार्य की स्थिति क्या है?
पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हुई हैं. शुक्रवार को ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15E फाइटर जेट गिरा दिया गया था, जिसके बाद लापता पायलट को रविवार को सुरक्षित बचा लिया गया है. ईरान ने दावा किया है कि उसने बचाव अभियान में लगे एक और अमेरिकी विमान को मार गिराया है. 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं. भारत की Confederation of Indian Industry (CII) ने भी सरकार से इस संकट से निपटने के लिए वित्तीय और व्यापारिक रणनीति बनाने की अपील की है.




