Strait of Hormuz में फंसे 20 हजार से ज्यादा नाविक, मदद के लिए भेजे 1000 से अधिक संदेश, समुद्र में बढ़ा खतरा
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास समुद्र में फंसे नाविकों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (ITF) के मुताबिक, मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते तक उन्हें 1,000 से ज्यादा संकटपूर्ण संदेश मिले हैं। खाड़ी क्षेत्र में लगभग 20,000 से 35,000 नाविक फंसे हुए हैं, जो घर वापस जाने, मुआवजे और जरूरी राशन की मांग कर रहे हैं। इस इलाके में जहाजों पर बढ़ते हमलों की वजह से समुद्री यातायात में 95% तक की भारी गिरावट आई है।
नाविकों की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां क्या हैं?
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (ITF) को मिले संदेशों में नाविकों ने खाने-पीने की चीजों और मेडिकल मदद की गुहार लगाई है। 29 मार्च 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, कई जहाजों पर राशन और पानी खत्म होने की कगार पर है। खाड़ी के इस हिस्से में फंसे नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि 1 मार्च से अब तक लगभग 24 कमर्शियल जहाजों पर हमले या अन्य घटनाओं की खबरें आई हैं। इनमें से कई भारतीय और अन्य एशियाई देशों के नागरिक हैं जो इन जहाजों पर काम कर रहे हैं और अब सुरक्षित घर लौटना चाहते हैं।
समुद्री सुरक्षा और नए नियमों से जुड़ी मुख्य बातें
इस संकट को देखते हुए समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के इलाकों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी नीचे दी गई है:
| मुख्य विषय | अपडेट और नियम |
|---|---|
| क्षेत्र का नया दर्जा | इसे Warlike Operations Area (WOA) घोषित किया गया है |
| नाविकों के अधिकार | डबल सैलरी और खतरे वाले क्षेत्र में जाने से मना करने का हक |
| ट्रैफिक में कमी | हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य से 95% तक ट्रैफिक घटा |
| हमलों की संख्या | 1 मार्च से अब तक 24 जहाजों पर हमले या घटनाएं दर्ज |
सऊदी अरब ने भी कमर्शियल जहाजों पर हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा है कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की रुकावट गंभीर खतरा पैदा करती है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) भी फंसे हुए चालक दल के लिए भोजन और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। तनाव की वजह से उन प्रवासियों पर सीधा असर पड़ रहा है जो समुद्री रास्तों से व्यापार या नौकरी के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं।




