Strait of Hormuz Update: ईरान युद्ध में 279 जहाजों ने पार किया रास्ता, 22 पर हुए हमले, अमेरिका ने की समुद्री नाकाबंदी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग अब समुद्र में और हिंसक हो गई है। Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है और अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को चारों तरफ से घेर लिया है। इस तनाव का सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और समुद्र में काम करने वाले नाविकों पर पड़ा है।
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Strait of Hormuz में जहाजों की क्या हालत है?
Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 279 जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं। इनमें से 22 जहाजों पर हमले हुए हैं। अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकाबंदी कर दी है।
इस नाकाबंदी की वजह से कई जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। International Maritime Organization ने बताया कि करीब 20,000 नाविक इस समय फारस की खाड़ी में जहाजों पर फंसे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नाविक भी हो सकते हैं, जिनके लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को चुनौती देगा, उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान ने इस कदम को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ईरान की IRGC ने अब जहाजों के लिए Larak और Hormuz द्वीपों के बीच एक नया रास्ता तय किया है।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
दुनिया के अन्य देशों का क्या रुख है?
यूनाइटेड नेशंस के महासचिव António Guterres ने दोनों देशों से बातचीत जारी रखने और युद्ध विराम का पालन करने की अपील की है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस ने अमेरिका की इस नाकाबंदी का समर्थन नहीं किया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने पेरिस में एक समिट बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक का मुख्य मकसद Strait of Hormuz को फिर से पूरी तरह खोलना और व्यापार को सामान्य करना है। पाकिस्तान ने भी 8 अप्रैल को युद्ध विराम कराने में मदद की थी, लेकिन इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल जहाज जो गुजरे | 279 |
| हमला झेलने वाले जहाज | 22 |
| युद्ध शुरू होने की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| अमेरिकी नाकाबंदी की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| फंसे हुए नाविकों की संख्या | लगभग 20,000 |
| युद्ध विराम का समझौता | 8 अप्रैल 2026 |
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |




