Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी का आदेश दिया है। यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत के नाकाम होने के बाद लिया गया है। चीन ने इस स्थिति के लिए अमेरिका की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है और सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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US और ईरान के बीच क्या हुआ और नाकेबंदी क्यों हुई?

US और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। US Vice President JD Vance ने कहा कि अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद President Trump ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोकने का आदेश दिया। US Central Command ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे से ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू कर दी है, जो सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी।

चीन ने इस विवाद पर क्या कहा?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि इस तनाव की असली वजह सैन्य संघर्ष है। उन्होंने अमेरिका और इसराइल की नीतियों की आलोचना की और कहा कि Strait of Hormuz की सुरक्षा पूरी दुनिया के हित में है। चीन ने उन खबरों को भी गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि वह ईरान को हथियार भेज रहा है। चीन का कहना है कि सभी पक्ष संयम बरतें और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाएं ताकि युद्ध दोबारा शुरू न हो।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान ने अमेरिका पर अपनी शर्तों को थोपने और बातचीत में बाधा डालने का आरोप लगाया है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने साफ कहा कि अगर अमेरिका लड़ाई करेगा, तो ईरान भी मुकाबला करेगा। ईरान की Revolutionary Guard ने दावा किया कि Strait of Hormuz उनके पूर्ण नियंत्रण में है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो क्षेत्र का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा।

Sushma Kumari

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