Strait of Hormuz Tension: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, चीन के जहाज पार कर गए रास्ता, तनाव बढ़ा
Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी शुरू कर दी है। इस बीच चीन के दो बड़े जहाजों, Rich Starry और Elpis के यहाँ से गुजरने के बाद मामला और गरमा गया है। ईरान ने अब जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है जिससे पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी नाकेबंदी और चीनी जहाजों का क्या हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू हो गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इसका मकसद ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों को रोकना है। इसके बावजूद, चीनी स्वामित्व वाला जहाज Rich Starry 14 अप्रैल को सफलतापूर्वक इस रास्ते से निकल गया। यह जहाज यूएई से मेथनॉल लेकर चीन जा रहा था। वहीं Elpis नाम का एक और जहाज भी 13 अप्रैल को इस इलाके से गुजरा, जिसे अमेरिका ने पहले प्रतिबंध सूची में डाला था।
ईरान और चीन ने इस स्थिति पर क्या कहा?
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल रज़ा तालायी-निक ने चेतावनी दी कि विदेशी सैन्य कार्रवाई से दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर उनके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया तो फारस और ओमान की खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। दूसरी तरफ, चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य चीनी जहाजों के लिए खुला रहेगा। चीन ने उम्मीद जताई है कि दूसरे देश ईरान के साथ उसके आर्थिक रिश्तों में दखल नहीं देंगे।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और नियम क्या हैं?
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने इस तनाव को कम करने की कोशिश की है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत जहाजों को पारगमन का अधिकार है। इस पूरे मामले पर अलग-अलग संस्थाओं की राय नीचे दी गई है:
| संस्था/देश | मुख्य बयान/कार्रवाई |
|---|---|
| संयुक्त राष्ट्र | महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा गारंटीकृत है। |
| यूके और फ्रांस | ब्रिटिश प्रधानमंत्री और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए एक शिखर सम्मेलन कर रहे हैं। |
| CENTCOM | नाकेबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों के लिए है, अन्य देशों के जहाजों को आने-जाने की आजादी रहेगी। |
| UNCLOS | नियमों के मुताबिक तटवर्ती राज्य अंतरराष्ट्रीय रास्तों को निलंबित नहीं कर सकते। |




