सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास पर हुए हमले के बाद वहां की सरकार अब एक्शन में आ गई है। 5 अप्रैल 2026 को सीरियाई प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर उन लोगों के खिलाफ जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है जिन्होंने दूतावास की इमारत और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था। इस घटना के बाद गल्फ देशों सहित पूरी दुनिया में इसकी काफी चर्चा हो रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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दमिश्क में UAE दूतावास पर हमले के पीछे की मुख्य वजह क्या थी?

दमिश्क में यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था जो अगले दिन शनिवार को हिंसक हो गया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दूतावास की इमारत और मिशन प्रमुख के आवास में तोड़फोड़ करने की कोशिश की।

  • प्रदर्शनकारी इजरायल के साथ UAE के संबंधों को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे थे।
  • कुछ लोग फिलिस्तीनी कैदियों के लिए इजरायल के नए फांसी कानून का विरोध कर रहे थे।
  • भीड़ ने दूतावास के बाहर नारेबाजी की और वहां तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ भी बदसलूकी की।
  • प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विपक्षी नेता इसाम अल-बुवैदानी की रिहाई की मांग भी रखी थी।

सीरिया सरकार और अन्य देशों ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है?

सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने साफ किया है कि कानून के दायरे में प्रदर्शन करना सबका हक है, लेकिन दूतावासों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। सरकार अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान कर रही है और सख्त सजा देने की तैयारी में है।

देश/संस्था आधिकारिक बयान
सीरिया दोषियों की तलाश जारी है और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सऊदी अरब सऊदी ने हमले की कड़ी निंदा की और UAE के साथ एकजुटता जताई।
मिस्र मिस्र सरकार ने तोड़फोड़ और हिंसा को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया।
GCC महासचिव ने सीरिया से दोषियों को तुरंत पकड़ने और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की।

सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि मुट्ठी भर लोगों की हरकत पूरे सीरिया के लोगों की भावना नहीं है। उन्होंने भरोसा दिया कि UAE और सीरिया के भाईचारे वाले संबंध इस घटना से प्रभावित नहीं होंगे। अमेरिका के मبعوث टॉम बराक ने भी दमिश्क को वियना समझौते के तहत सभी दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी है। अब वहां सभी विदेशी दूतावासों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।