ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इसराइल ने तेहरान के तीन प्रमुख एयरपोर्ट और एक बड़ी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया है जिसमें भारी नुकसान की खबर है। इस बड़े हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इन देशों ने ईरान की तरफ से आने वाली किसी भी मिसाइल या ड्रोन को रोकने के लिए अपना एयर डिफेंस सिस्टम चालू कर दिया है।
हमले में कहां और कितना हुआ नुकसान
इसराइली हमलों ने तेहरान के बहराम, मेहराबाद और अजमायेश एयरपोर्ट को सीधा निशाना बनाया है जिससे ईरानी एयरफोर्स के कई विमानों को नुकसान पहुंचा है। तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के पास भी हवाई हमला हुआ है जहां से भारी धुआं उठता देखा गया। पाश्चर इंस्टीट्यूट जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं को भी इस हमले में नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक खबरों के अनुसार अब तक इस हमले में कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।
क्षेत्रीय देशों और प्रमुख हस्तियों की प्रतिक्रिया
| देश या संस्था | ताज़ा स्थिति और बयान |
|---|---|
| यूएई और सऊदी अरब | मिसाइलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया। |
| अमेरिका | प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी और बड़े हमले की बात कही। |
| ईरान | इसराइल के शहरों पर जवाबी मिसाइल हमले किए। |
| संयुक्त राष्ट्र | नागरिक ठिकानों पर हमले को कानून का उल्लंघन बताया। |
ईरान के बड़े अधिकारियों की मौत और जवाबी कार्रवाई
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी और अधिकारी असगर बाकेरी की इस हमले में मौत हो गई है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और कड़ी जवाबी कार्रवाई की बात कही है। ईरान ने फिलहाल किसी भी छोटे युद्धविराम के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि वे अपनी सुरक्षा की पूरी गारंटी चाहते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह तनाव चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि हवाई मार्ग और सुरक्षा नियमों में बदलाव हो सकते हैं।