25 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में भारी धमाकों की आवाज़ सुनी गई। इसराइली सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में ईरान के बुनियादी ढांचे और मिसाइल बनाने वाली जगहों पर हमला किया है। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में कई मिसाइलें दागी हैं। तेहरान के पूर्वी हिस्से में कुछ रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं।

तेहरान में हुए हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई में क्या हुआ?

इसराइली वायु सेना ने तेहरान के पास दो नौसैनिक क्रूज मिसाइल उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया है। इसराइली सेना के अनुसार ये जगहें लंबी दूरी की मिसाइलें बनाने में इस्तेमाल हो रही थीं और हमले में इन्हें काफी नुकसान पहुंचा है। इसके जवाब में ईरान के Revolutionary Guard ने ‘True Promise 4’ मिसाइलों की 80वीं लहर शुरू की है। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार ये मिसाइलें इसराइल के अलावा कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद सैन्य ठिकानों को ध्यान में रखकर छोड़ी गई हैं।

सऊदी अरब, UAE और अन्य पड़ोसी देशों पर क्या असर पड़ा?

ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते इस संघर्ष का सीधा असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी देखा जा रहा है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी सीमा में होने वाले हमलों को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई है:

देश प्रमुख घटनाक्रम
Saudi Arabia सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी प्रांत पर हुए कई हमलों को बीच में ही रोका।
UAE ईरान की ओर से आ रहे 9 ड्रोन्स को सेना ने सफलतापूर्वक मार गिराया।
Lebanon ईरानी मिसाइल का मलबा लेबनानी जमीन पर गिरा जो किसी अन्य देश की ओर जा रही थी।
Kuwait & Jordan ईरान ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया।
Tehran ईरानी खुफिया विभाग ने बाहरी समूहों से जुड़े 39 लोगों को गिरफ्तार किया है।

ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिका की ओर से आए बातचीत के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान अब किसी भी तरह की वार्ता में शामिल नहीं होगा। वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के समर्थन से ईरान के इन क्षेत्रीय हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है।