तेहरान यूनिवर्सिटी पर अमेरिका और इजरायल का हमला, ईरान ने दी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब और गहरा गया है। 28 मार्च 2026 को तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बड़ा हमला हुआ है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है। हालांकि अभी तक इस हमले में हुए नुकसान या किसी की जान जाने के बारे में आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।
इस हमले और मौजूदा हालात से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?
- यूनिवर्सिटी पर यह हमला 28 मार्च 2026 को किया गया है, जिसकी पुष्टि अल जजीरा ने भी की है।
- इजरायली सेना ने तेहरान में हमलों की एक नई लहर शुरू करने का ऐलान किया है।
- इससे पहले 23 मार्च को इसी यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक प्रोफेसर सईद शेमकादरी की घर पर हुए हमले में मौत हो गई थी।
- तेहरान में पिछले कई हफ्तों से लगातार धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं और लोग डरे हुए हैं।
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस अभियान को मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस का नाम दिया है।
जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस जंग का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया और खासकर खाड़ी देशों पर इसका असर दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने मानवीय संकट को लेकर चेतावनी दी है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि अब तक इस संघर्ष में क्या-क्या हुआ है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नागरिक नुकसान | ईरान में अब तक करीब 82,000 इमारतों और अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है। |
| GCC की चिंता | खाड़ी देशों ने कहा है कि इस जंग से शिपिंग और ग्लोबल इकोनॉमी को सीधा खतरा है। |
| हूती विद्रोहियों की धमकी | यमन के हूतियों ने कहा है कि वे भी इस लड़ाई में शामिल हो सकते हैं। |
| ईरान का रुख | ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि इजरायल को इन हमलों के लिए भारी कीमत चुकानी होगी। |
| राहत कार्य | ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से मानवीय मदद भेजने की सुविधा देने को तैयार है। |
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि ये हमले उन वादों के खिलाफ हैं जो तनाव कम करने के लिए किए गए थे। फिलहाल अमेरिका की ओर से जमीन पर सैनिकों को उतारने की तैयारी की खबरें भी आ रही हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।




