अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे बड़े तनाव के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर की घोषणा की है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सेना ने ईरान में अपने सभी जरूरी लक्ष्यों को पूरा कर लिया है और अब वे एक बड़े शांति समझौते की तरफ बढ़ रहे हैं। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है ताकि क्षेत्र में युद्ध की स्थिति को टाला जा सके और कूटनीति को मौका दिया जा सके।

📰: ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्ध विराम शुरू, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट

ईरान और इसराइल के बीच क्या हुए ताज़ा हमले?

पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई इलाकों में भारी गोलाबारी और हमले देखे गए हैं। अमेरिका और इसराइल दोनों ने ईरान के सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है ताकि उसकी सैन्य क्षमता को कम किया जा सके। इन हमलों ने ईरान के तेल बुनियादी ढांचे और परिवहन के रास्तों को काफी नुकसान पहुंचाया है।

  • अमेरिका ने ईरान के Kharg Island पर फिर से हमले किए हैं जो तेल के कारोबार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
  • इसराइल की सेना ने ईरान के 8 पुलों और सिराज में एक पेट्रोकेमिकल साइट को तबाह करने का दावा किया है।
  • ईरान ने भी जवाब में इसराइल की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं जिससे इलाके में अफरातफरी मची।
  • Isfahan के मिलिट्री इंडस्ट्रियल जोन में भी बमबारी की खबरें सामने आई हैं।

शांति समझौते और वैश्विक नेताओं की क्या है राय?

ट्रंप ने बताया कि वे ईरान के साथ मध्य पूर्व में स्थायी शांति लाने के लिए एक समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप के कड़े बयानों की आलोचना भी हुई है क्योंकि उन्होंने पहले पूरी सभ्यता को खत्म करने जैसी चेतावनी दी थी। दुनिया भर के कई संगठनों ने इन सैन्य कार्रवाइयों पर चिंता जताई है।

व्यक्ति/संगठन प्रमुख प्रतिक्रिया
Pope Leo XIV उन्होंने ट्रंप की धमकियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और पूरी तरह गलत बताया।
Amnesty International इन धमकियों को विनाशकारी बताया और कहा कि इससे आम लोगों को भारी खतरा हो सकता है।
Shehbaz Sharif पाकिस्तान के पीएम ने हमले रोकने और शांतिपूर्ण बातचीत के लिए समय देने की अपील की।
Elissa Slotkin अमेरिकी सीनेटर ने चेतावनी दी कि नागरिकों को निशाना बनाना युद्ध के नियमों के खिलाफ है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.