अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को लेकर बड़े बयान दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान की वायुसेना और सैन्य ढांचे को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह युद्ध बहुत जल्द समाप्त होने वाला है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर यह हमला नहीं होता तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता। इसके अलावा SaudiNews50 के हवाले से इराक की राजधानी बगदाद में भी आज कई धमाकों की खबर सामने आई है।
ईरान युद्ध पर ट्रंप के बड़े दावे
- ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत ईरान के सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है और सैन्य ढांचा नष्ट हो चुका है।
- होरमुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए अब अमेरिका को किसी भी सहयोगी देश की मदद की जरूरत नहीं है।
- ट्रंप के अनुसार युद्ध खत्म होने के बाद ईरान के पुनर्निर्माण में लगभग 10 साल का समय लगेगा और अमेरिकी सेना जल्द ही वहां से वापस लौटेगी।
- उन्होंने नाटो और यूरोपीय देशों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते थे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रवैये से भी ट्रंप ने निराशा जताई।
खाड़ी देशों के एयरपोर्ट और प्रवासियों पर असर
इस युद्ध और मिसाइल इंटरसेप्शन के कारण मध्य पूर्व के कई बड़े एयरपोर्ट अभी भी बंद हैं और हवाई क्षेत्र में भारी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
सऊदी अरब, यूएई और ओमान जैसे खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को फ्लाइट रद्द होने के कारण यात्रा करने में दिक्कत आ रही है।
अमेरिका ने अपने दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर युद्धपोत USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford को अरब सागर और भूमध्य सागर में तैनात रखा है, जिससे पूरे इलाके में सेना की हलचल तेज है।
मिस्र और ओमान ने युद्धविराम कराने की काफी कोशिश की है, लेकिन अमेरिका ने इन प्रयासों को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि पहले सभी तय किए गए सैन्य लक्ष्य पूरे किए जाएंगे।
