अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान पर उनकी पूरी और व्यापक जीत हो गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और वहां जमा हुए ट्रैफिक की समस्या को दूर करने में मदद करेंगे। यह बयान उस समय आया है जब उन्होंने ईरान को जलडमरूमध्य खोलने के लिए एक सख्त समय सीमा दी थी।

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ट्रंप की समय सीमा और ईरान का रुख क्या था?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने 7 अप्रैल की रात तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर काफी सख्त भाषा का इस्तेमाल किया था और पावर प्लांटों को निशाना बनाने की बात कही थी। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इन धमकियों को ट्रंप की निराशा बताया था। ईरान का कहना था कि जब तक युद्ध के नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक वह जलडमरूमध्य को अपने हिसाब से ही संचालित करेगा।

इस विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी और घटनाक्रम

इस पूरे मामले में पिछले कुछ दिनों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जो नीचे दी गई तालिका में समझी जा सकती हैं:

तारीख घटनाक्रम
5-6 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर घुसकर अपने एक लापता पायलट को बचाया।
7 अप्रैल 2026 ट्रंप द्वारा दी गई ईरान के लिए आखिरी समय सीमा समाप्त हुई।
8 अप्रैल 2026 ट्रंप ने जीत का दावा किया और समुद्री जाम हटाने में मदद की पेशकश की।
वर्तमान स्थिति ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूल रहा है।

प्रवासियों और व्यापार पर क्या होगा असर?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से सबसे ज्यादा तेल की सप्लाई होती है। अगर यहां जहाजों की आवाजाही में कोई भी रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है क्योंकि तनाव कम होने से समुद्री व्यापार सामान्य हो सकेगा। ट्रंप ने अब इस क्षेत्र में नेविगेशन की समस्याओं को ठीक करने में सहयोग देने की बात कही है।