India Iran Oil Trade: भारत को 7 साल बाद मिला ईरान से कच्चा तेल, अमेरिका ने पाबंदियों में दी ढील.
भारत ने सात साल के लंबे अंतराल के बाद ईरान से कच्चे तेल की खरीदारी फिर से शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय खबरों के मुताबिक अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते में भारत को ईरान से तेल की पहली खेप मिल गई है। यह बड़ा बदलाव तब हुआ है जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों को देखते हुए अपने प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी। भारत ने साल 2019 में अमेरिकी दबाव के कारण ईरान से तेल लेना बंद कर दिया था।
ईरान से तेल आने की मुख्य जानकारी और तारीखें
भारत और ईरान के बीच तेल व्यापार से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- भारत ने 4 अप्रैल 2026 को ईरान से तेल खरीद दोबारा शुरू करने का ऐलान किया था।
- अप्रैल के शुरुआती दिनों में 44,000 मीट्रिक टन LPG की एक खेप मंगलौर पोर्ट पर पहुँच चुकी है।
- करीब 6,00,000 बैरल कच्चा तेल लेकर ‘Ping Shun’ नाम का जहाज गुजरात के वाडिनार पोर्ट के लिए निकला था।
- अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंधों में यह ढील 19 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाली है।
- भारत की पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने साफ किया है कि तेल की पेमेंट को लेकर कोई बाधा नहीं है।
भारत सरकार का पक्ष और अंतरराष्ट्रीय हालात
भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी जरूरत का कच्चा तेल सुरक्षित कर लिया है। सरकार ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि पेमेंट की समस्या की वजह से तेल का जहाज चीन की तरफ मोड़ दिया गया था। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा हुई है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोल दिया गया है। इस रास्ते के खुलने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई आसान होगी और समुद्री माल ढुलाई के खर्च में कमी आएगी। रूस के अधिकारियों ने भी इस समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि युद्धविराम अच्छी बात है लेकिन भविष्य में सस्ता तेल मिलना मुश्किल होगा।




