Donald Trump का दावा: ईरान के पास बचे बहुत कम मिसाइल लांचर, UAE और जॉर्डन ने हवा में मार गिराए ड्रोन
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के पास अब बहुत कम मिसाइल लांचर बचे हैं। उन्होंने एक संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ने युद्ध के मैदान में बड़ी जीत हासिल की है और वह जल्द ही इस ऑपरेशन को खत्म करने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान की करीब एक-तिहाई मिसाइल क्षमता पूरी तरह नष्ट हुई है, जबकि ट्रम्प का दावा इससे कहीं अधिक है। इसी बीच ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए नए हमलों की चेतावनी दी है।
ईरान और अमेरिका के बीच दावों में कितना अंतर है?
ट्रम्प का कहना है कि ईरान अब युद्ध खत्म करने के लिए संघर्ष विराम चाहता है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। अमेरिकी सेना के CENTCOM ने जानकारी दी है कि उन्होंने अब तक 12,300 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है और ईरान के 155 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचाया है। इजरायली सेना का मानना है कि ईरान के पास मौजूद करीब 470 लांचर में से 70 प्रतिशत को उन्होंने तबाह कर दिया है। बाकी बचे 30 प्रतिशत को ढूंढना और खत्म करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है क्योंकि वे छिपे हुए हो सकते हैं।
गल्फ देशों में सुरक्षा की क्या स्थिति है?
| देश/एजेंसी | अपडेट |
|---|---|
| UAE रक्षा मंत्रालय | 5 बैलिस्टिक मिसाइलें और 35 ड्रोन मार गिराए |
| जॉर्डन सेना | 1 मिसाइल और 2 ड्रोनों को बीच में रोका |
| IRGC ईरान | इजरायल पर भारी और सटीक मिसाइलों से हमला किया |
| CENTCOM | 66 प्रतिशत मिसाइल उत्पादन केंद्र तबाह होने का अनुमान |
| ईरान स्वास्थ्य मंत्रालय | अब तक 1,937 लोगों की जान जाने की पुष्टि |
खाड़ी क्षेत्र में रहने वालों पर क्या असर होगा?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और खास तौर पर भारतीयों पर पड़ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से UAE और जॉर्डन जैसे देशों ने अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को अलर्ट पर रखा है। ईरान की ओर से हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण हवाई यात्राओं और समुद्री रास्तों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। फिलहाल अमेरिका का लक्ष्य ईरान की वायु सेना, नौसेना और मिसाइल फैक्ट्रियों को पूरी तरह नष्ट करना है।




