Trump ने दिया बड़ा बयान, ईरान के साथ समझौते का दावा, 5 दिन तक नहीं होंगे अमेरिकी हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान जल्द ही एक बड़ा समझौता करने वाला है। ट्रंप ने सोमवार को ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी ठिकानों पर होने वाले अमेरिकी हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में ईरान के साथ बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है। ट्रंप ने समझौता करने के लिए शुक्रवार, 27 मार्च 2026 तक का नया समय दिया है। इस खबर के बाद वैश्विक तेल बाज़ार में गिरावट देखी गई है।
समझौते के लिए क्या हैं अमेरिका की शर्तें?
Donald Trump ने साफ़ कर दिया है कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना होगा। इसके अलावा ईरान को अपना यूरेनियम का भंडार भी पूरी तरह खत्म करना होगा ताकि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। ट्रंप ने Strait of Hormuz को पूरी तरह से खोलने और उस पर संयुक्त नियंत्रण की भी मांग रखी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि बातचीत ईरान के किसी बड़े और सम्मानित नेता के साथ चल रही है, हालांकि उन्होंने सुप्रीम लीडर का नाम नहीं लिया।
ईरान और अन्य देशों का इस पर क्या है कहना?
ईरान के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से इन वार्ताओं को फेक न्यूज़ बताया है और कहा है कि अमेरिका बाज़ार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, पर्दे के पीछे ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उन्हें मध्यस्थ देशों के ज़रिए अमेरिका के संदेश मिले हैं और वे उनकी समीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| मुख्य पक्ष | ताज़ा स्थिति और बयान |
|---|---|
| Donald Trump | कहा कि ईरान समझौता करेगा और परमाणु हथियार नहीं बनाएगा |
| Iran Government | सीधी बातचीत से इनकार किया लेकिन संदेश मिलने की बात मानी |
| Israel | कहा कि समझौते की संभावना बहुत कम है, हमले जारी रहेंगे |
| Mediators | Egypt, Pakistan और Turkey शांति वार्ता में मदद कर रहे हैं |
| Oil Market | युद्ध टलने की उम्मीद में कच्चे तेल के दामों में कमी आई |
| UK | Keir Starmer ने सख्त शर्तों के साथ बातचीत का स्वागत किया |
फिलहाल अमेरिका और इजरायल की सेना ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। ट्रंप के इस फैसले से दुनिया भर के बाज़ारों और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की नज़रें अब 27 मार्च की समय सीमा पर टिकी हैं। अगर कोई समझौता होता है, तो इससे पूरे क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा तनाव कम हो सकता है।




