अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले बड़े हमले को फिलहाल टाल दिया है. यह फैसला सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों के दबाव और बातचीत की कोशिशों के बाद लिया गया. हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़ा हमला कर सकती है.

🗞️: Drone Attack UAE: बरकाह न्यूक्लियर प्लांट पर हमले का सच आया सामने, UAE सरकार ने बताया ड्रोन कहाँ से आए थे

ट्रंप ने हमला क्यों टाला और क्या है शर्त?

राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 मई 2026 को अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि उन्होंने Secretary of War Pete Hegseth और General Daniel Caine को हमले को स्थगित करने का निर्देश दिया है. यह हमला 19 मई को होने वाला था. ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि बातचीत के लिए 2 से 3 दिन का समय दिया जाए.

  • मुख्य शर्त: ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डील में ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.
  • सेना की तैयारी: ट्रंप के अनुसार, यदि कोई स्वीकार्य समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना किसी भी क्षण बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार है.

क्या युद्ध की संभावना अब भी बनी हुई है?

उपराष्ट्रपति JD Vance ने 19 मई को बयान दिया कि अमेरिका डिप्लोमेसी की कोशिश कर रहा है, लेकिन सेना पूरी तरह तैयार है. इससे पहले Vance ने पाकिस्तान में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की थी, लेकिन वहां कोई नतीजा नहीं निकला. वहीं, इसराइल भी इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और रिपोर्ट के मुताबिक वह अमेरिकी हमले में शामिल होने की तैयारी कर रहा है.

दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया और Fars न्यूज़ एजेंसी ने ट्रंप के इस फैसले को उनकी कमजोरी और डर बताया है.

आम लोगों और तेल की कीमतों पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz की नाकेबंदी पिछले 11 हफ्तों से जारी है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है. ट्रंप ने कहा है कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को इस रास्ते को खोलना होगा. अगर तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और यात्रियों के खर्च पर सीधा असर पड़ेगा.

तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने 19 मई को कहा कि फिलहाल परमाणु खतरा कम है क्योंकि ईरान का काफी यूरेनियम पुराने हमलों के कारण मलबे में दबा हुआ है. उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत पूरी करने की अपील की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों रोका?

सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध पर ट्रंप ने हमला टाला है ताकि बातचीत के जरिए परमाणु हथियारों के मुद्दे को सुलझाया जा सके.

क्या यह समझौता पूरी तरह पक्का है?

नहीं, यह केवल एक अस्थायी देरी है. ट्रंप और उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया है कि यदि ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना फिर से हमला कर सकती है.

इस तनाव का प्रवासियों पर क्या असर पड़ सकता है?

Strait of Hormuz की नाकेबंदी से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ सकती है और यह खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के दैनिक खर्च को प्रभावित करेगा.