Donald Trump Warning: ट्रम्प ने ईरान को दी परमाणु और बिजली प्लांट तबाह करने की धमकी, सीजफायर का प्रस्ताव ठुकराया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान अब युद्धविराम यानी सीजफायर चाहता है क्योंकि वह पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर है. ट्रम्प ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर मंगलवार 7 अप्रैल 2026 की रात तक Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली घरों और पुलों पर बड़े हमले किए जाएंगे. इस बयान के बाद खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है.
ट्रम्प ने क्यों ठुकराया सीजफायर का प्रस्ताव?
ट्रम्प ने जानकारी दी कि उन्होंने 45 दिनों के सीजफायर के प्रस्ताव को देखा था लेकिन वह इसे काफी नहीं मानते हैं. उन्होंने साफ कहा कि Operation Epic Fury जारी रहेगा. ट्रम्प का कहना है कि ईरान को तब तक निशाना बनाया जाना चाहिए जब तक कि वह पूरी तरह पीछे न हट जाए. व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ने अभी किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और सैन्य कार्रवाई पहले की तरह ही चलती रहेगी.
ईरान और इसराइल के बीच ताजा स्थिति क्या है?
6 अप्रैल 2026 को इसराइल ने तेहरान में कई ठिकानों पर हमले किए जिसमें लगभग 25 लोग मारे गए हैं. इसमें कुद्स फोर्स का एक सीनियर कमांडर भी शामिल था. दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि उन्हें केवल थोड़े समय के लिए शांति नहीं चाहिए, बल्कि वह युद्ध का स्थायी अंत, सुरक्षा की गारंटी और पाबंदियों से पूरी तरह आजादी चाहते हैं.
ताजा सैन्य और आर्थिक विकास की जानकारी
| क्षेत्र | ताजा अपडेट |
|---|---|
| Strait of Hormuz | ट्रम्प ने 7 अप्रैल रात 8 बजे तक इसे खोलने का समय दिया है. |
| Nuclear Safety | IAEA ने बुशहर परमाणु प्लांट के पास हमले की पुष्टि की है. |
| Oil Prices | होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण से वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ी हैं. |
| Infrastructure | ट्रम्प ने ईरान के हर पावर प्लांट को एक साथ उड़ाने की धमकी दी है. |
| Mediation | पाकिस्तान इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है. |
यूरोपीय संघ ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की योजना को अवैध बताया है. IAEA ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों के पास हमले होने से परमाणु सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. दुनिया भर की नजरें अब ट्रम्प द्वारा दी गई समय सीमा पर टिकी हैं.




