अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को एक बड़ी खबर साझा की है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ हुई एक डील के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोला जा रहा है। अभी यह रास्ता आंशिक रूप से खुला है और आने वाले शुक्रवार तक इसे पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

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इस समझौते को Memorandum of Understanding (MOU) कहा जा रहा है। इस दस्तावेज़ पर औपचारिक तौर पर शुक्रवार, 19 जून 2026 को Switzerland के Geneva शहर में हस्ताक्षर होंगे। Donald Trump ने कहा कि उन्होंने इस रास्ते को बिना किसी टोल के खोलने और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दे दिया है।

टोल और फीस को लेकर मतभेद

इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के पैसे को लेकर अमेरिका और ईरान की बातों में फर्क दिख रहा है। Trump ने New York Times को बताया कि यह रास्ता हमेशा के लिए टोल-फ्री रहेगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने संकेत दिया है कि दी जाने वाली सेवाओं के बदले फीस ली जा सकती है। ईरान की Fars न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, शुरुआती 60 दिनों के बातचीत के समय के दौरान जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसके बाद सुरक्षा और नेविगेशन के लिए फीस शुरू हो सकती है।

ईरान और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

  • ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने समझौते की पुष्टि की है, लेकिन कहा कि दस्तखत होने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
  • ईरान की Fars न्यूज़ एजेंसी का दावा है कि रास्ता तय करने, समय निर्धारित करने और परमिट जारी करने का अधिकार सिर्फ ईरान के पास ही रहेगा।
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस डील और स्विट्जरलैंड में होने वाले हस्ताक्षर समारोह की जानकारी दी है।
  • अमेरिकी सीनेट नेता Chuck Schumer ने इस पूरी डील की बारीकियों को सार्वजनिक करने और कांग्रेस को जानकारी देने की मांग की है।

इजराइल का कड़ा रुख और तनाव

इस शांति समझौते के बीच इजराइल ने अपना अलग स्टैंड लिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ़ कर दिया है कि उनकी सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि वे लेबनान से जुड़े इस समझौते के नियमों से बंधे नहीं हैं। इसी बीच, इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में एक ड्रोन हमला भी किया है, जिससे इस क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।