अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन परमाणु सवालों पर बात नहीं बनी. इसी वजह से अमेरिका ने Strait of Hormuz में जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर दी है.

🚨: Strait of Hormuz Blockade: ट्रंप का बड़ा फैसला, ईरान की नाकेबंदी करेगा अमेरिका, कहा- दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता कोई देश

अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्या हुआ?

President Trump ने बताया कि ईरान के साथ उनकी बातचीत कुछ हद तक सही रही और कई पॉइंट्स पर दोनों देश राजी हुए. हालांकि, परमाणु (Nuclear) मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हो पाया, जो सबसे जरूरी था. Vice President JD Vance ने Islamabad में ईरान के साथ सीधी बातचीत की थी, लेकिन ईरान ने अमेरिका की शर्तें मानने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने खुद फोन करके डील करने की इच्छा जताई है.

समुद्री नाकाबंदी और ट्रंप की चेतावनी

Donald Trump ने ऐलान किया कि Strait of Hormuz में जहाजों की नाकाबंदी शुरू हो चुकी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी जहाज इस नाकाबंदी के करीब आएगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा. अमेरिकी सेना ने समुद्री यात्रियों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के जहाजों को पकड़ा जा सकता है. ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सेना ने ईरान के 158 जहाजों को तबाह कर दिया है.

तारीख बड़ी घटना
7-8 अप्रैल 2026 दो हफ्ते के लिए युद्धविराम (Ceasefire) का ऐलान हुआ
12 अप्रैल 2026 Islamabad में बातचीत फेल होने के बाद नाकाबंदी का ऐलान हुआ
13 अप्रैल 2026 नाकाबंदी शुरू हुई और ट्रंप ने जहाजों को तबाह करने का दावा किया

अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?

इस पूरे मामले में Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिका के इस फैसले का पूरा समर्थन किया है. वहीं ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया पर कहा कि ट्रंप की धमकियों का ईरान के लोगों पर कोई असर नहीं होगा. इस पूरे विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Gen. Asim Munir ने पहले मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.