Strait of Hormuz Blockade: ट्रंप का बड़ा फैसला, ईरान की नाकेबंदी करेगा अमेरिका, कहा- दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता कोई देश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना अब Strait of Hormuz की नाकेबंदी करेगी। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी देश इस रास्ते को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता। यह फैसला ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद लिया गया है।
अमेरिकी नाकेबंदी का क्या है पूरा प्लान?
नाकेबंदी सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे (ET) से शुरू होगी। अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी जो ईरानी बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे दुनिया के साथ धोखाधड़ी बताया है। अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को पकड़ेगी जिन्होंने ईरान को अवैध टोल दिया है। हालांकि, जो जहाज गैर-ईरानी बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं, उन पर इसका कोई असर नहीं होगा।
ईरान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहते हैं?
ईरान ने अमेरिका के इस फैसले को गैरकानूनी और समुद्री डकैती करार दिया है। ईरान की सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो खाड़ी का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के मुताबिक Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है जहाँ सभी जहाजों को आने-जाने की आजादी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी प्रस्ताव 2817 के जरिए नेविगेशन के अधिकारों का समर्थन किया है।
इस विवाद में और कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस मामले में 40 से ज्यादा देशों का एक गठबंधन शामिल है, जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देश हैं। ब्रिटेन इस गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है ताकि रास्ते को फिर से सुरक्षित खोला जा सके। इसके अलावा GCC देश जैसे सऊदी अरब, UAE, कुवैत, ओमान, बहरीन और कतर भी अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए नजर बनाए हुए हैं।




