Trump का बड़ा बयान, ईरान के साथ बातचीत पाकिस्तान में नहीं होगी, अब यूरोप की बारी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ होने वाली अगली बातचीत को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि शायद यह मीटिंग पाकिस्तान में नहीं होगी और अब वे किसी यूरोपीय देश के बारे में सोच रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख की तारीफ भी की और कहा कि बातचीत जल्द शुरू हो सकती है।
बातचीत की जगह और अमेरिका की शर्तें क्या हैं?
ट्रंप ने New York Post को बताया कि वह अब यूरोप में किसी जगह की तलाश कर रहे हैं, लेकिन Turkey इस लिस्ट में नहीं है। अमेरिका की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 20 साल तक यूरेनियम बनाना बंद करे और सारा सामान देश से बाहर भेजे, जबकि ईरान सिर्फ 3 से 5 साल की बात कर रहा है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और बाकी देशों का क्या कहना है?
- समुद्री नाकेबंदी: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है।
- यूरोपीय नेता: ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं को ‘कागजी शेर’ कहा क्योंकि उनके मुताबिक वे रास्ता खोलने में मदद नहीं कर पा रहे हैं।
- फ्रांस की अपील: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने अमेरिका और ईरान से बातचीत शुरू करने और रास्ता खोलने की मांग की है।
- भारत का रोल: ट्रंप इस मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।
ईरान को कितना नुकसान हुआ और वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरानी सरकार ने बताया है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों की वजह से उन्हें बहुत भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस टकराव में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है, जिसका ब्योरा नीचे दिया गया है:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल आर्थिक नुकसान | 270 अरब डॉलर |
| बच्चों की मौत | 230 से ज़्यादा |
| घायल हुए लोग | लगभग 1800 |




