Trump-Iran Talks: पाकिस्तान में फिर होगी बातचीत, ट्रंप ने दिया संकेत, ईरान के बंदरगाहों पर लगा नाकेबंदी का पहरा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे अगले दो दिनों में पाकिस्तान में बातचीत के लिए तैयार हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
बातचीत की ताजा स्थिति और पाकिस्तान की भूमिका क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत 12 अप्रैल को बिना किसी समझौते के खत्म हुई थी। इस विफलता के बाद ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है ताकि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने पर मजबूर किया जा सके। पाकिस्तान ने अब फिर से इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया है ताकि वर्तमान युद्धविराम खत्म होने से पहले शांति समझौता हो सके।
दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर क्या असर होगा?
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो गई है। IMF ने दुनिया की आर्थिक ग्रोथ का अनुमान 3.4% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साथ ही वैश्विक महंगाई दर के 4.4% तक पहुंचने की आशंका है। तेल और गैस की बढ़ती कीमतों की वजह से आम लोगों के लिए खर्चे बढ़ सकते हैं।
मुख्य विवरण और शामिल पक्ष
| विषय | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख अमेरिकी अधिकारी | डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ, जारेड कुश्नर |
| प्रमुख ईरानी अधिकारी | अब्बास अराघची, मोहम्मद बागेर गालिबफ, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन |
| पाकिस्तानी मध्यस्थ | प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर |
| युद्धविराम की शुरुआत | 8 अप्रैल 2026 |
| पहले दौर की बातचीत का अंत | 12 अप्रैल 2026 |
| IMF ग्रोथ अनुमान | 3.1% (पहले 3.4% था) |
| IMF महंगाई अनुमान | 4.4% (पहले 4.1% था) |




