अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन बेहद सख्त शर्तों का खुलासा किया है जिनके तहत अमेरिका ईरान पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को हमेशा के लिए हटाने को तैयार है। हालांकि ईरान ने इन शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है और अमेरिकी दावों को सच और झूठ का मिला-जुला रूप बताया है।

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Trump ने शांति समझौते के लिए कौन सी शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे केवल तभी इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जब अमेरिका की सभी शर्तें पूरी होंगी। ट्रंप की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:

  • परमाणु हथियारों पर पूरी रोक: ईरान को इस बात पर लिखित रूप से सहमत होना होगा कि वह कभी भी कोई परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क के दोनों तरफ से आने-जाने वाले जहाजों के लिए तुरंत खोलना होगा।
  • बारूदी सुरंगों को हटाना: ईरान को जल क्षेत्र में बची हुई सभी पानी के नीचे बिछाई गई बारूदी सुरंगों को तुरंत हटाना होगा।
  • परमाणु मलबे को नष्ट करना: जमीन के नीचे दबे हुए ईरान के समृद्ध परमाणु मलबे को अमेरिका इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के साथ मिलकर नष्ट करेगा।
  • कोई वित्तीय मदद नहीं: अगले आदेश तक ईरान को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा और न ही उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस किया जाएगा।

ईरान ने ट्रंप के प्रस्ताव को लेकर क्या कहा?

ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनयिकों ने अमेरिकी दावों का तुरंत खंडन किया है। ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि वे किसी भी तरह के एकतरफा फरमान या अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने साफ किया कि शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम संवर्धन उनका कानूनी अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि वर्तमान में परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई बातचीत नहीं चल रही है और ट्रंप का बयान हमेशा की तरह एकतरफा और अहंकार से भरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को अमेरिका के वादों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वे केवल जमीनी स्तर पर लिए गए फैसलों के आधार पर ही कोई कदम उठाएंगे।

सिचुएशन रूम की बैठक के बाद क्या हुआ?

व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते पर अंतिम निर्णय फिलहाल के लिए टाल दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिया था कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है लेकिन ट्रंप अंतिम फैसला लेने के लिए थोड़ा और समय लेना चाहते हैं।

इधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी है कि 13 अप्रैल से लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण अब तक लगभग 115 वाणिज्यिक जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया है जिसमें उसने एक अमेरिकी विमान को मार गिराने की बात कही थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं?

नहीं, व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में चली दो घंटे की बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपना अंतिम निर्णय फिलहाल टाल दिया है। वे अभी और विचार करना चाहते हैं।

ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी कब शुरू हुई थी?

अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू की थी, जिसके कारण लगभग 115 वाणिज्यिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।

क्या इस समझौते के तहत ईरान को कोई पैसा मिलेगा?

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि समझौते के शुरुआती चरण में ईरान को कोई पैसा नहीं दिया जाएगा और न ही उनकी फ्रीज की गई संपत्ति को जारी किया जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com