ईरान वार्ता फेल, डोनाल्ड ट्रंप ने किया होर्मुज़ की नाकेबंदी का ऐलान, दुनिया भर में बढ़ेगा तेल का दाम
अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए चल रही बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है. इसके तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना अब इस अहम समुद्री रास्ते पर पूरा कंट्रोल करेगी ताकि कोई भी जहाज बिना अनुमति अंदर या बाहर न जा सके. इस बड़े कदम से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है क्योंकि यह रास्ता वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बहुत ज़रूरी है.
क्यों टूटी अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच 21 घंटे तक गहन बातचीत चली. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने बताया कि ईरान अपने परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था. अमेरिका को ईरान से इस बात की पक्की प्रतिबद्धता चाहिए थी कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का पूरा अधिकार है, जिस वजह से कोई समझौता नहीं हो पाया.
ट्रंप की नाकेबंदी और नौसेना के नए निर्देश क्या हैं?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया और फॉक्स न्यूज़ के ज़रिए बताया कि अमेरिकी नौसेना तत्काल प्रभाव से इस रास्ते को ब्लॉक करना शुरू कर देगी. उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि जो भी जहाज ईरान को अवैध टोल का भुगतान करेंगे, उन्हें खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा. ट्रंप का कहना है कि इस नाकेबंदी का मकसद ईरान द्वारा दुनिया से की जा रही जबरन वसूली को रोकना है. यह नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान सभी जहाजों के लिए रास्ता नहीं खोल देता.
दुनिया और गल्फ देशों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहाँ से करीब 20% वैश्विक तेल की सप्लाई होती है. यूएई के मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने इसे वैश्विक आर्थिक जीवन रेखा में बाधा बताया है. वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी युद्धपोत इस नाकेबंदी को लागू करने आए तो इसका जवाब जबरदस्त होगा.
| मुख्य बिंदु | असर और स्थिति |
|---|---|
| वैश्विक तेल सप्लाई | दुनिया के 20% तेल की आपूर्ति पर खतरा |
| यूएई का रुख | इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा व्यवधान बताया |
| ईरान की चेतावनी | अमेरिकी कार्रवाई का जबरदस्त जवाब देने की बात कही |
| इसराइल का अनुमान | रक्षा और बिजनेस में करीब 11.25 बिलियन डॉलर का नुकसान |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान और ओमान ने शांति बनाए रखने की अपील की |




