मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को दी गई 48 घंटे की मोहलत सोमवार, 23 मार्च 2026 को समाप्त हो रही है। ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने Strait of Hormuz को व्यापार के लिए दोबारा नहीं खोला, तो उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया जाएगा। इस संघर्ष के 24वें दिन प्रवेश करते ही खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

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ईरान की जवाबी कार्रवाई और नया सुरक्षा खतरा

ईरान के सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनके बिजली घरों को निशाना बनाया गया, तो वे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों और उनके सहयोगी देशों के ऊर्जा ढांचों पर हमला करेंगे। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र का बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो सकता है। ईरान ने यह भी कहा है कि जब तक उनके नष्ट किए गए बिजली घरों को दोबारा नहीं बनाया जाता, तब तक वह Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद रखेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में हलचल तेज़ हो गई है।

खाड़ी देशों में प्रवासियों और अर्थव्यवस्था पर असर

युद्ध की इस स्थिति का सीधा असर सऊदी अरब और यूएई (UAE) जैसे देशों पर पड़ रहा है। सोमवार को सऊदी अरब ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया, जिनमें से एक को बीच में ही रोक दिया गया। वहीं अबू धाबी में मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक घायल हो गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तेल की आपूर्ति रुकने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की संभावना जताई गई है। IEA ने चेतावनी दी है कि यह संकट 1970 के दशक के तेल संकट से भी बड़ा हो सकता है।

तारीख प्रमुख घटनाक्रम
21 मार्च 2026 डोनाल्ड ट्रम्प ने Truth Social पर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
22 मार्च 2026 ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों का रास्ता रोकने का एलान किया
23 मार्च 2026 सऊदी अरब और यूएई में मिसाइल की घटनाएं दर्ज की गईं
23 मार्च 2026 IEA ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़े खतरे की चेतावनी दी