अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस युद्ध को अमेरिकी बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एक सच्चा निवेश करार दिया है। इस बयान के साथ ही उन्होंने दावा किया है कि ईरान ने युद्ध विराम की गुहार लगाई है, लेकिन ईरान सरकार ने इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। इस संघर्ष का सीधा असर अब खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता दिख रहा है।

ℹ: ट्रम्प ने ईरान के तेल पर हमला नहीं करने का बताया कारण, बोले 3 हफ्तों में खत्म हो सकता है युद्ध

ट्रंप का दावा और ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?

Trump का कहना है कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है और युद्ध दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से ceasefire यानी युद्ध विराम मांगा है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन बातों को झूठा और निराधार बताया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वे धमकियों की भाषा नहीं समझेंगे और युद्ध जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। Trump ने 6 अप्रैल तक की समय सीमा तय की है और शर्तें न मानने पर ईरान के जरूरी बिजली और पानी के ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा है?

इस युद्ध ने खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है जिससे यहाँ रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर भी असर पड़ सकता है। दुबई और अबू धाबी के शेयर बाजारों में अब तक 120 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। यहाँ रहने वाले व्यापारियों के लिए यह एक मुश्किल समय है क्योंकि तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है और Strait of Hormuz बंद होने का खतरा है। US Central Command यानी CENTCOM के मुताबिक अब तक ईरान के हजारों ठिकानों और जहाजों को नष्ट किया जा चुका है। NATO के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है।

युद्ध से जुड़ी अब तक की मुख्य जानकारियां

युद्ध के दौरान हुई बड़ी घटनाओं और आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है

प्रमुख विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
युद्ध शुरू होने की तारीख 28 फरवरी, 2026
ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन 6 अप्रैल, 2026
UAE बाज़ार को नुकसान 120 अरब डॉलर (लगभग)
नष्ट किए गए ईरानी ठिकाने 12,300 से अधिक
ईरान का आधिकारिक रुख Ceasefire के दावे को नकारा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.