अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएगा। Reuters को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि सेना की वापसी के बाद भी अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ‘स्पॉट हिट्स’ यानी चुनिंदा हमलों के लिए वापस आ सकता है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के पांचवें हफ्ते में ट्रंप पर पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर काफी दबाव है। इसी सिलसिले में वह आज रात देश को संबोधित करने वाले हैं जिसमें युद्ध को लेकर आगे की रणनीति साफ की जाएगी।
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NATO से नाराजगी और ट्रंप की भविष्य की योजनाएं
राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन NATO के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका मानना है कि ईरान के मुद्दे पर इस गठबंधन ने अमेरिका का वैसा साथ नहीं दिया जैसा देना चाहिए था। ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिका को इस गठबंधन से बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि अमेरिकी कानून के अनुसार राष्ट्रपति बिना सीनेट की अनुमति के ऐसा नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रंप ने युद्ध के दौरान ईरान में हुए बदलावों और वहां की परमाणु क्षमता को लेकर भी अपनी बात रखी है।
सीजफायर के दावे और खाड़ी क्षेत्र के ताजा हालात
- ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने सीजफायर की गुहार लगाई है, लेकिन ईरान ने इस दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया है।
- ट्रंप का कहना है कि जब तक Strait of Hormuz पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक वह किसी भी युद्धविराम पर विचार नहीं करेंगे।
- कुवैत के एयरपोर्ट पर मौजूद तेल टैंकों पर ईरानी ड्रोन हमले की खबर आई है, जिसे कुवैती फायरफाइटर्स ने बुझाया।
- ब्रिटिश सेना ने उत्तरी इराक के पास करीब 10 ईरानी ड्रोनों को मार गिराया है।
- ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उनके कदमों से यह सुनिश्चित हुआ है कि ईरान के पास अब परमाणु हथियार नहीं रहेंगे।
- युद्ध के कारण ईरान में शासन परिवर्तन और भारी नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं।
