Trump का ईरान के साथ सीजफायर से साफ इनकार, खाड़ी देशों में खलबली, तेल के दाम 100 डॉलर के पार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ किसी भी तरह के सीजफायर (युद्धविराम) पर बातचीत शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है। 14 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अमेरिका मौजूदा शर्तों को नहीं मानेगा। इस तनाव का सीधा असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देश मामले को शांत करने की अपील कर रहे हैं।
अमेरिका का रुख और सैन्य कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपना परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्ट हब खार्ग आइलैंड (Kharg Island) के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं।
- तेल ठिकानों को छोड़ा: ट्रंप ने बताया कि उन्होंने खार्ग आइलैंड के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर नहीं निशाना बनाया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक किया, तो वह इस फैसले को बदल देंगे।
- ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा कि ईरान डील चाहता है, लेकिन वह ऐसी डील स्वीकार नहीं करेंगे और आगे तक जाएंगे। उनका लक्ष्य चार हफ्तों के भीतर ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करना है।
- प्रशासन के भीतर राय: व्हाइट हाउस के अधिकारी डेविड सैक्स ने सलाह दी है कि अमेरिका को अब अपनी जीत घोषित करके इस मामले को बातचीत से सुलझाना चाहिए। वहीं इजराइल लगातार तेहरान पर हवाई हमले कर रहा है।
ईरान की चेतावनी और खाड़ी देशों पर असर
इस पूरे विवाद से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां के बाजारों पर गहरा असर पड़ रहा है। सऊदी अरब और बहरीन में होने वाले ग्रैंड प्रिक्स (Grands Prix) जैसे बड़े इवेंट्स रद्द होने की कगार पर हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने अमेरिका की शर्तों को मानने से मना कर दिया है। ईरान की सेना ने धमकी दी है कि अगर उनके ठिकानों पर और हमले हुए, तो वह क्षेत्रीय ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को राख में मिला देंगे।
सऊदी अरब, कतर और ओमान लगातार इस लड़ाई को रोकने की कोशिश में लगे हैं ताकि ऊर्जा बाजार को लंबी अवधि के नुकसान से बचाया जा सके। तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए अमेरिकी अधिकारी रिजर्व से तेल निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आम लोगों पर महंगाई की मार कम पड़े।




