सऊदी और UAE में मिसाइल का खतरा, ट्रंप बोले अभी नहीं थमेगा युद्ध, इस्राइल को मिले 22 हज़ार बम
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस्रायली अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी युद्ध रोकने के लिए कोई निर्देश देने वाले नहीं हैं। मार्च 2026 तक यह युद्ध अब ईरान और लेबनान तक फैल चुका है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। व्हाइट हाउस ने भी साफ कर दिया है कि वह एक लंबे सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है और अभी युद्धविराम की कोई गुंजाइश नहीं है।
खाड़ी देशों पर युद्ध का क्या हो रहा है असर?
इस युद्ध का सीधा असर अब सऊदी अरब, यूएई (UAE), बहरीन और कतर जैसे खाड़ी देशों पर दिखने लगा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य प्रवासी रहते हैं। 11 मार्च को सऊदी अरब ने अपनी सीमा में 14 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा यूएई, बहरीन और कतर में भी मिसाइल हमलों का अलर्ट जारी किया गया है।
- सऊदी अरब में अलर्ट: 11 मार्च को सऊदी अरब ने 14 ड्रोन को मार गिराया है।
- तेल के दाम गिरे: अमेरिका द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कंट्रोल करने के संकेतों के बाद कच्चे तेल के दामों में 8 से 9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।
- राहत कार्य रुका: गाजा में शांति के लिए बनाया गया ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का काम रोक दिया गया है और गाजा के बॉर्डर फिर से बंद कर दिए गए हैं।
अमेरिका और इस्राइल की आगे की क्या है तैयारी?
अमेरिका इस समय ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करने पर फोकस कर रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने कहा है कि ईरान के अंदर अब तक के सबसे तेज और बड़े हमले किए जा रहे हैं। इसे अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का नाम दिया है। वहीं ट्रंप ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और जरूरत पड़ने पर युद्ध लंबे समय तक लड़ा जा सकता है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने भी गाजा पर सैन्य दबाव कम करने से मना कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने इस्राइल को एमरजेंसी में 22 हजार बम देने की मंजूरी दे दी है। इसमें 12 हजार आम बम और 10 हजार 500-पाउंड वाले बम शामिल हैं ताकि इस्राइल अपने सैन्य अभियान को जारी रख सके।




