Trump की ईरान को 48 घंटे की आखिरी चेतावनी, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खुला तो बोले बरसेगी कयामत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को सिर्फ 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि या तो ईरान कोई समझौता करे या फिर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका की तरफ से ईरान पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रंप की चेतावनी और मौजूदा हालात क्या हैं?
ट्रंप ने अपने संदेश में याद दिलाया कि उन्होंने पहले भी 10 दिनों की मोहलत दी थी जो अब खत्म होने वाली है। ट्रंप ने इसे आखिरी अल्टीमेटम बताते हुए कहा कि अगर समय सीमा के भीतर ईरान ने बात नहीं मानी तो उन पर भारी हमला होगा। इससे पहले मार्च में भी दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हुई थी। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी रास्ता माना जाता है।
मामले से जुड़ी जरूरी तारीखें और घटनाएं
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 22 मार्च 2026 | ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट तबाह करने की धमकी दी थी। |
| 26 मार्च 2026 | हमलों पर 10 दिनों की रोक लगाई गई जो 6 अप्रैल को खत्म होगी। |
| 1 अप्रैल 2026 | ट्रंप ने ईरान में नई सरकार से बातचीत की बात कही जिसे ईरान ने खारिज किया। |
| 3 अप्रैल 2026 | दुबई में अमेरिकी कंपनी ओरेकल के दफ्तर पर ड्रोन हमला हुआ। |
| 4 अप्रैल 2026 | ट्रंप ने 48 घंटे का नया और सख्त अल्टीमेटम जारी किया। |
खाड़ी देशों और आम लोगों पर क्या असर होगा?
अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका सबसे ज्यादा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से तेल की सप्लाई रुक सकती है जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम पूरी दुनिया में बढ़ जाएंगे। दुबई और आसपास के इलाकों में हालिया ड्रोन हमलों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस समय पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है ताकि युद्ध जैसी स्थिति को टाला जा सके। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के लिए भी यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी सुरक्षा और नौकरी सीधे तौर पर इस क्षेत्र की शांति से जुड़ी हुई है।




