Donald Trump की NATO को चेतावनी, ईरान युद्ध में मदद नहीं मिली तो गठबंधन का भविष्य होगा खराब
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने NATO देशों को एक बड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप का कहना है कि अगर NATO के सदस्य देश ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिका की मदद नहीं करते हैं, तो इस गठबंधन का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है। यह बयान 16 मार्च 2026 को सामने आया है, जिसमें ट्रंप ने खास तौर पर Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए सैन्य सहायता की मांग की है।
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NATO देशों ने ट्रंप की मांग पर क्या कहा?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने साफ कर दिया है कि वह इस बड़ी जंग का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि ट्रंप ने ब्रिटेन को अपना नंबर एक सहयोगी बताया था, लेकिन स्टारमर ने अमेरिकी सेना को ब्रिटिश बेस इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी है। फ्रांस ने शर्त रखी है कि वह केवल तनाव कम होने के बाद नौसैनिक मिशन में शामिल होगा, वहीं जर्मनी ने ट्रंप की योजना को अव्यावहारिक बताया है। वर्तमान में किसी भी देश ने सार्वजनिक रूप से इस अभियान में युद्धपोत भेजने की पुष्टि नहीं की है।
ईरान और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का संकट क्यों गहराया?
ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की धमकी दी है, जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत जरूरी रास्ता है। ट्रंप चाहते हैं कि NATO के देश अपनी नौसेना भेजकर इस रास्ते को सुरक्षित करें ताकि तेल की सप्लाई जारी रह सके। ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ होने वाली आगामी बैठक को भी इसी आधार पर टालने के संकेत दिए हैं। ट्रंप का तर्क है कि जो देश इस जलमार्ग का लाभ उठाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा में भी मदद करनी चाहिए।
खाड़ी देशों पर इस युद्ध का क्या असर हो रहा है?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस टकराव का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमले की खबरें आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देश इस युद्ध की वजह से आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। सऊदी अरब के Prince Turki al-Faisal ने सुझाव दिया है कि इस युद्ध की वजह से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और अमेरिका एक ऐसी जंग में फंस गया है जिसकी जरूरत नहीं थी।




