UAE का ईरान पर बड़ा आरोप, अमेरिकी बेस के नाम पर आम लोगों पर हो रहे हमले, Dubai एयरपोर्ट के पास गिरे ड्रोन
UAE के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि वह सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। UAE के राष्ट्रपति सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने कहा है कि ईरान झूठ बोल रहा है क्योंकि दागे गए मिसाइल और ड्रोन सीधे तौर पर आम नागरिकों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस बीच बुधवार को Dubai International Airport के टर्मिनल 2 के पास दो ड्रोन गिरे, जिसमें एक भारतीय नागरिक सहित चार लोग घायल हो गए।
Dubai एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला और घायलों की जानकारी
बुधवार 11 मार्च 2026 को Dubai International Airport के करीब टर्मिनल 2 वाले इलाके में दो ड्रोन आकर गिरे। इस घटना में कुल चार लोगों को चोटें आई हैं। घायलों में एक भारतीय नागरिक को मध्यम चोटें आई हैं, जबकि दो घाना और एक बांग्लादेशी नागरिक को हल्की चोटें लगी हैं। Dubai Media Office ने जानकारी दी है कि इस घटना के बावजूद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करके ही एयरपोर्ट जाएं।
समुद्री जहाजों और रिफाइनरी को बनाया गया निशाना
पिछले कुछ दिनों में हमले काफी तेज हो गए हैं। Strait of Hormuz के पास दुबई, रास अल खैमाह और ओमान के तटों पर तीन कमर्शियल जहाजों पर भी हमले हुए हैं। इसके अलावा ऊर्जा से जुड़े मुख्य ठिकानों जैसे UAE की Ruwais रिफाइनरी और सऊदी अरब की Ras Tanura रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया है। 28 फरवरी से लेकर अब तक 1400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे जा चुके हैं। इन हमलों में अब तक 3 से 4 आम लोगों की जान गई है और 114 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। Jebel Ali Port और कुछ रिहायशी इलाकों में भी नुकसान की खबर है।
UAE सरकार की तैयारी और नागरिकों के लिए निर्देश
इन लगातार हमलों को देखते हुए UAE विदेश मंत्रालय ने देश को रक्षा की स्थिति में रखा है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए THAAD और Patriot जैसे डिफेंस सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हैं। बड़े शहरों में हवा में मिसाइल रोके जाने की तेज आवाजें सुनाई दे सकती हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। राशन और जरूरी सामानों की देश में कोई कमी नहीं है, इसलिए आम जनता और प्रवासियों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।




