UAE पर ईरान का बड़ा हमला, 18 मिसाइल और 47 ड्रोन को सेना ने किया तबाह, मलबे से लगी गैस प्लांट में आग.
UAE की रक्षा प्रणालियों ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से आए बड़े हमले को संयुक्त अरब अमीरात ने नाकाम कर दिया। इस हमले में बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन शामिल थे जिन्हें हवा में ही खत्म कर दिया गया। हालांकि मलबे की वजह से कुछ जगहों पर नुकसान की खबरें आई हैं जिससे वहां रहने वाले आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि उनकी सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
हमलों का विवरण और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
UAE के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 47 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका है। यह हमला पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। अबू धाबी में हबशान गैस सुविधा के पास मलबे के कारण आग लग गई थी, जिसके बाद वहां काम को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। सेना ने बताया है कि उनकी निगरानी प्रणाली बहुत ऊंची सफलता दर के साथ काम कर रही है।
- हबशान गैस प्लांट: मलबे की वजह से यहाँ आग लगी लेकिन किसी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है।
- अजमान इलाका: इस क्षेत्र में भी मिसाइल और ड्रोन के टुकड़े गिरने की जानकारी मिली है।
- हाई अलर्ट: मंत्रालय ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी मलबे को न छुएं और न ही उसकी वीडियो बनाएं।
जान-माल का नुकसान और प्रवासियों पर असर
फरवरी के अंत से शुरू हुए इन हमलों में अब तक काफी जान-माल का नुकसान हुआ है जो दुखद है। इसमें काम करने वाले प्रवासी भी प्रभावित हुए हैं। सरकार ने सख्त हिदायत दी है कि सभी नागरिक और प्रवासी सुरक्षा के लिए जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और UAE के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सावधानी बरतने और केवल सरकारी खबरों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
| घटना का विवरण | प्रभावित या इंटरसेप्ट की गई संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 18 |
| क्रूज मिसाइलें | 4 |
| ड्रोन की संख्या | 47 |
| कुल घायल (28 फरवरी से अब तक) | 203 |
| मृतकों में शामिल नागरिकता | भारतीय, पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, मोरक्कन |
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और मंत्रालय ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। जो लोग इन क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।




