UAE एयर डिफेंस का बड़ा एक्शन, ईरान की 8 बैलिस्टिक मिसाइल और 36 ड्रोन को हवा में ही किया ढेर
UAE की एयर डिफेंस ने 31 मार्च 2026 को ईरान की ओर से किए गए एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में कुल 8 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 36 मानवरहित विमान यानी ड्रोन (UAV) मार गिराए गए। यह पूरी कार्रवाई देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए सेना की मुस्तैदी को बताती है। हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक UAE अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए लगातार अलर्ट पर है।
अब तक UAE ने कितने हमलों का सामना किया है?
हमलों के शुरू होने के बाद से संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा प्रणालियों ने बड़ी संख्या में खतरों को हवा में ही खत्म किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने अब तक एक बड़े रक्षा अभियान को अंजाम दिया है। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| हमले का प्रकार | 31 मार्च को रोके गए हमले | अब तक कुल कार्रवाई |
|---|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missiles) | 8 | 433 |
| क्रूज मिसाइल (Cruise Missiles) | 4 | 19 |
| ड्रोन (UAVs) | 36 | 1,977 |
सेना की इस सफलता दर को 90 प्रतिशत से ऊपर बताया गया है। इसमें अमेरिका द्वारा बनाए गए Patriot और THAAD जैसे आधुनिक सिस्टम के साथ-साथ दक्षिण कोरियाई और इजरायली सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर और क्या हैं नए अपडेट?
UAE के साथ-साथ खाड़ी के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब, कतर और बहरीन पर भी हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। 28 मार्च 2026 को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी निशाना बनाने की कोशिश हुई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
- अमेरिका ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कम करने के लिए Operation Epic Fury शुरू किया है।
- यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल ही में UAE और कतर का दौरा कर मिसाइल रोधी तकनीक पर सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हमलों के कारण मिसाइल रोकने वाले इंटरसेप्टर के स्टॉक पर दबाव बढ़ रहा है जिसे वर्षों में तैयार किया गया था।
- UAE की सरकार ने साफ किया है कि वे अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जारी रखेंगे।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह सुरक्षा व्यवस्था राहत देने वाली है क्योंकि वे इन देशों में बड़ी संख्या में काम करते हैं और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े हैं।




