UAE के शारजाह में ड्रोन और मिसाइल अटैक हुआ नाकाम, खोरफक्कन पोर्ट पर गिरे टुकड़े, सरकार ने दी सुरक्षा की जानकारी.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में खोरफक्कन पोर्ट के पास सुरक्षा प्रणालियों ने आज एक बड़ा हमला नाकाम कर दिया है. यूएई एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागी गई 9 बैलिस्टिक मिसाइलों, एक क्रूज मिसाइल और 50 ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान मिसाइल और ड्रोन के टुकड़े खोरफक्कन बंदरगाह के पास गिरे. यूएई में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात यह है कि सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और स्थिति पर काबू पा लिया गया है.
शारजाह सरकार और आधिकारिक सूत्रों ने क्या जानकारी दी?
शारजाह गवर्नमेंट मीडिया ब्यूरो (SGMB) और संबंधित अधिकारियों ने पुष्टि की है कि खोरफक्कन पोर्ट पर टुकड़ों के गिरने के बाद वहां लगी मामूली आग को दमकल विभाग ने तुरंत बुझा दिया है. हालांकि शुरुआती खबरों में कुछ एशियाई नागरिकों के घायल होने की बात सामने आई थी, लेकिन शारजाह सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि इस घटना में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद सरकारी स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही यकीन करें और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें. पोर्ट पर अब कूलिंग का काम पूरा हो चुका है और कामकाज सामान्य करने की कोशिश की जा रही है.
यूएई में अब तक हुए हमलों और सुरक्षा का पूरा डेटा
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के खिलाफ डिफेंस सिस्टम काफी मजबूती से काम कर रहा है. अबू धाबी के बोरूज पेट्रोकेमिकल प्लांट में भी मलबे की वजह से आग लगने की खबरें आईं, लेकिन वहां भी कोई हताहत नहीं हुआ है. अब तक की गई कुल कार्रवाई का विवरण नीचे दिया गया है जो यूएई की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है.
| मिसाइल/ड्रोन का प्रकार | अब तक रोके गए हमले (28 फरवरी से) | 5 अप्रैल को रोके गए हमले |
|---|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 507 | 9 |
| क्रूज मिसाइल | 24 | 1 |
| ड्रोन (UAVs) | 2191 | 50 |
यूएई सरकार का कहना है कि वे अपने नागरिकों और यहां काम करने वाले करोड़ों प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं. खोरफक्कन में मौजूद कंटेनर जहाज के कप्तान ने बताया कि लोडिंग के दौरान समुद्र में मिसाइल के टुकड़े गिरते देखे गए थे, लेकिन सेना की मुस्तैदी से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.




