मिडिल ईस्ट की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिली है। यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद एयरपोर्ट को चलाने के प्रोजेक्ट से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। वहीं दूसरी तरफ, UAE ने भारत के साथ 3 बिलियन डॉलर का बड़ा समझौता किया है। इस भू-राजनीतिक बदलाव का असर दक्षिण एशिया के रिश्तों पर साफ़ दिख रहा है।
UAE ने क्यों रद्द की पाकिस्तान एयरपोर्ट डील?
UAE ने इस्लामाबाद एयरपोर्ट के प्राइवेटाइजेशन डील से आधिकारिक तौर पर नाम वापस ले लिया है। अगस्त 2025 में इस पर फ्रेमवर्क एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन अब UAE ने इसमें दिलचस्पी खो दी है। बातचीत टूटने का मुख्य कारण लोकल ऑपरेटिंग पार्टनर का न मिल पाना बताया जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब और UAE के बीच रणनीतिक मतभेद चल रहे हैं।
प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का हाल
| देश/समझौता | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| UAE-पाकिस्तान | एयरपोर्ट डील रद्द, 2.5 बिलियन डॉलर कर्ज रोलओवर |
| भारत-UAE | 3 बिलियन डॉलर की LNG डील, न्यूक्लियर सहयोग |
| भारत-इजरायल | जनवरी 2026 में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) वार्ता |
| सऊदी-पाकिस्तान | रक्षा समझौता, सूडान को हथियार सप्लाई में मदद |
भारत और UAE के बीच कौन सी बड़ी डील हुई?
भारत ने UAE के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत किया है। इस हफ्ते (जनवरी 22, 2026) भारत ने UAE के साथ 3 बिलियन डॉलर की लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) खरीदने का समझौता साइन किया। इस डील के साथ ही नई दिल्ली अब अबू धाबी का सबसे बड़ा ग्राहक बन गया है। एग्रीमेंट में बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर के विकास और न्यूक्लियर सुरक्षा पर सहयोग भी शामिल है।
पाकिस्तान के कर्ज और सऊदी रिश्ते पर अपडेट
पाकिस्तान ने UAE से 2.5 बिलियन डॉलर के कर्ज को आगे बढ़ाने (रोलओवर) की गुहार लगाई थी, जिसमें 2.45 बिलियन डॉलर जनवरी 2026 में मैच्योर हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अबू धाबी ने repayment period बढ़ाने पर सहमति दे दी है। वहीं, सऊदी अरब पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है और सूडान को हथियार सप्लाई करने में उसकी मदद कर रहा है।




