यूएई ने यमन के हद्रामौत प्रांत में गुप्त जेल चलाने और हथियार जमा करने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को ‘झूठा और भ्रामक’ बताया और कहा कि इनका कोई सबूत या तथ्यात्मक आधार नहीं है। ये आरोप यमनी सरकार के अधिकारियों द्वारा लगाए गए थे।
क्या हैं यमनी सरकार के आरोप?
हद्रामौत के गवर्नर सलेम अल-खानबशी समेत यमनी अधिकारियों ने दावा किया है कि UAE अल-रयान एयरबेस पर भूमिगत हिरासत सुविधाएँ चला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ लोगों को गायब किया जाता है, यातना दी जाती है और हत्याओं के लिए विस्फोटक जमा किए जाते हैं। यमनी अधिकारियों ने एक सऊदी-आयोजित मीडिया दौरे के दौरान इन सुविधाओं और सामग्रियों को दस्तावेज़ करने का दावा किया और उनकी तस्वीरें भी प्रकाशित कीं। खानबशी ने कहा कि उन्हें ऐसी सुविधाएं और सामग्री मिलीं जो सामान्य सैन्य उपयोग के अनुरूप नहीं थीं, और उन्होंने इन्हें UAE-समर्थित दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) बलों से जोड़ा।
UAE ने आरोपों पर क्या कहा?
UAE ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये दावे ‘झूठे और भ्रामक’ हैं और इनके समर्थन में कोई सबूत या तथ्यात्मक आधार नहीं है।
इस विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
ये आरोप सऊदी अरब (जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन करता है) और UAE (जो STC अलगाववादियों का समर्थन करता है) के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आए हैं। दिसंबर 2025 में STC के हमलों, सऊदी हवाई हमलों और दिसंबर के अंत तक यमन से UAE की सैन्य वापसी की घोषणा जैसी घटनाएँ हुई हैं। 7 जनवरी, 2026 तक सऊदी सेना ने दक्षिणी यमन पर फिर से नियंत्रण कर लिया था, और STC नेता ऐदारस अल-जुबैदी के अबू धाबी भाग जाने की खबर थी। यमनी राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने 12 जनवरी, 2026 को STC और अन्य द्वारा चलाए जा रहे ‘अवैध’ जेलों को बंद करने का आह्वान किया था।
पहले भी उठे हैं ऐसे सवाल?
मानवाधिकार वॉच जैसे संगठनों ने पहले भी UAE से जुड़ी गुप्त सुविधाओं और कई पक्षों द्वारा मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने का दस्तावेजीकरण किया है। हालांकि, हद्रामौत में लगाए गए इन नवीनतम दावों का कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध रिपोर्टों में पुष्टि नहीं किया गया है। STC ने किसी भी उल्लंघन से इनकार किया है और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकायों के साथ जुड़ाव का हवाला दिया है।
Last Updated: 20 January 2026




