UAE सरकार ने किया ईद की छुट्टियों का ऐलान, प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 4 दिन की छुट्टी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सरकार ने Eid Al Fitr 2026 के लिए छुट्टियों का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के कर्मचारियों को 4 दिन का लंबा वीकेंड मिलने की पूरी उम्मीद है। यह खबर उन भारतीयों के लिए बहुत काम की है जो छुट्टियों में घर जाने या घूमने का प्लान बना रहे हैं।
कब से शुरू होंगी छुट्टियां?
आधिकारिक घोषणा और नियमों के मुताबिक, ईद की छुट्टियां गुरुवार, 19 मार्च 2026 से शुरू होने की संभावना है। सरकारी विभाग (Public Sector) के लिए यह छुट्टी गुरुवार से रविवार, 22 मार्च तक रहेगी। काम काज सोमवार, 23 मार्च से दोबारा शुरू होगा। वहीं, प्राइवेट सेक्टर के लिए छुट्टी गुरुवार से शनिवार तक पक्की है।
हालांकि, अगर रमजान का महीना पूरे 30 दिन का होता है, तो प्राइवेट सेक्टर की छुट्टी में रविवार, 22 मार्च भी जुड़ जाएगा। चूंकि रविवार वैसे भी ज्यादातर लोगों के लिए साप्ताहिक अवकाश (Weekend) होता है, इसलिए लगभग सभी कर्मचारियों को लगातार 4 दिन आराम मिलने वाला है।
चांद दिखने और नियमों पर क्या है अपडेट
ईद की सही तारीख हमेशा चांद दिखने पर निर्भर करती है। UAE की चांद देखने वाली कमेटी बुधवार, 18 मार्च की शाम को बैठक करेगी। खगोलशास्त्री Ibrahim Al Jarwan का मानना है कि इस बार रमजान 29 दिन का हो सकता है, जिससे शुक्रवार, 20 मार्च को ईद का पहला दिन हो सकता है।
नियमों के अनुसार, ईद-उल-फितर की छुट्टियों की तारीखें बदली नहीं जा सकती हैं। यानी अगर छुट्टी बीच हफ्ते में आती है, तो उसे वीकेंड पर शिफ्ट नहीं किया जाता। साथ ही, अगर 29 तारीख को चांद नहीं दिखता, तो रमजान का 30वां दिन अपने आप छुट्टी घोषित हो जाता है।
यात्रा और स्कूल की छुट्टियों पर असर
यह 4 दिन की छुट्टी (19-22 मार्च) स्कूलों के ‘स्प्रिंग ब्रेक’ (Spring Break) के दौरान आ रही है, जो 16 मार्च से 29 मार्च तक चलेगा। इसका मतलब है कि बच्चों की पढ़ाई का कोई नुकसान नहीं होगा और परिवार आराम से कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं।
इस लंबी छुट्टी के कारण फ्लाइट टिकटों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। भारत या आस-पास के देशों में यात्रा करने वाले लोग अभी से अपनी प्लानिंग कर सकते हैं। रमजान के बचे हुए दिनों में सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में काम के घंटे कम ही रहेंगे।




