सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास और वहां के अधिकारियों के घर पर हमले की खबर आई है। 3 अप्रैल 2026 को प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के अंदर घुसने और तोड़फोड़ करने की कोशिश की। इस घटना के बाद अरब संसद और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने कहा कि दूतावासों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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हमले के दौरान क्या हुआ और क्या थी स्थिति

  • प्रदर्शनकारियों ने 3 अप्रैल की शाम को दूतावास परिसर और मिशन प्रमुख के घर को निशाना बनाया था।
  • सीरिया की सुरक्षा पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की और उन्हें मुख्य परिसर से दूर रखा।
  • UAE ने सीरिया सरकार से मांग की है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाए और दूतावास को पूरी सुरक्षा दे।
  • घटना की पूरी जांच करने और हमलावरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।

वियना कन्वेंशन और सुरक्षा के अधिकार

दुनियाभर में दूतावासों की सुरक्षा वियना कन्वेंशन के तहत की जाती है। अरब संसद ने इस बात को दोहराया कि किसी भी राजनयिक मिशन पर हमला करना इन अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि वे किसी भी दूतावास पर हमले की कोशिश को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए इन देशों के बीच आपसी सुरक्षा और शांति काफी मायने रखती है क्योंकि इससे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है।

तारीख मुख्य घटनाक्रम
3 अप्रैल 2026 दमिश्क में यूएई दूतावास पर हमला और प्रदर्शन की कोशिश
4 अप्रैल 2026 अरब संसद, GCC और यूएई द्वारा आधिकारिक निंदा और जांच की मांग
4 अप्रैल 2026 सीरिया सरकार द्वारा दूतावासों की सुरक्षा का भरोसा दिया जाना